महरौली: छात्रों को सशक्त बनाने के लिए दिल्ली पुलिस ने आयोजित की सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप

Kittu Kumari18 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
महरौली: छात्रों को सशक्त बनाने के लिए दिल्ली पुलिस ने आयोजित की सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप

दिल्ली की दक्षिण जिला पुलिस ने छात्रों की सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। 18 अक्टूबर 2026 को महरौली के एक स्कूल में विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जहां बच्चों को आत्मरक्षा (Self-Defence) के गुर सिखाए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शारीरिक और मानसिक रूप से इतना मजबूत बनाना है कि वे किसी भी विषम परिस्थिति का सामना निडरता से कर सकें।

डीसीपी साउथ दिल्ली द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस सत्र में न केवल आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाई गईं, बल्कि बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि वे अपनी व्यक्तिगत सीमाओं (Personal Boundaries) को कैसे पहचानें और किसी भी गलत स्पर्श या व्यवहार की स्थिति में तुरंत आवाज उठाएं और बड़ों को सूचित करें।

सुरक्षा अभियान और POCSO एक्ट का प्रभाव

यह वर्कशॉप दिल्ली पुलिस के पुराने 'सशक्ती' अभियान का हिस्सा है, जो साल 2002 से ही मार्शल आर्ट्स और सुरक्षा प्रशिक्षण के जरिए छात्रों को सशक्त कर रहा है। इसके साथ ही, यह पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा जुलाई 2026 में शुरू किए गए 'POCSO जागरूकता महीने' के निर्देशों का पालन करती है। शहर के सभी स्कूलों में अब सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं ताकि बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत सुरक्षित रखा जा सके।

बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अब स्कूलों में औपचारिक 'बाल संरक्षण समितियां' बनाई जा रही हैं और स्टाफ को POCSO एक्ट के बारे में विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए हर जिले में एडिशनल डीसीपी रैंक के एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। साथ ही, एजुकेशनल एंड वोकेशनल गाइडेंस काउंसलर्स (EVGCs) भी जेंडर सेंसिटाइजेशन और व्यक्तिगत सुरक्षा पर लगातार चर्चा कर रहे हैं, ताकि स्कूल परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।

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