गुड टच और बैड टच की पहचान सिखाएगी दक्षिण जिला पुलिस, जागरूकता अभियान शुरू
दक्षिण जिला पुलिस ने गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया है ताकि लोग अपनी व्यक्तिगत सीमाओं की रक्षा कर सकें।

दिल्ली की दक्षिण जिला पुलिस ने समाज में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डीसीपी साउथ दिल्ली के कार्यालय के नेतृत्व में पुलिस ने 'गुड टच और बैड टच' (Good Touch and Bad Touch) पर एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं को इस बात के प्रति जागरूक करना है कि वे अपने शरीर की सीमाओं को पहचानें और किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार को तुरंत नोटिस करें।
पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी एक आधिकारिक बयान में लोगों से अपील की है कि वे अपनी व्यक्तिगत सीमाओं (Personal Boundaries) को प्राथमिकता दें। अभियान के जरिए यह संदेश दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति आपके साथ गलत व्यवहार करता है या आपको असहज महसूस कराता है, तो बिना किसी डर के उसके खिलाफ आवाज उठाएं। पुलिस का मानना है कि जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है और जब लोग सही और गलत स्पर्श के बीच का अंतर समझेंगे, तभी वे खुद को और अपने बच्चों को सुरक्षित रख पाएंगे।
बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
यह अभियान दिल्ली पुलिस के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे शहर में सामुदायिक सुरक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साल 2026 के दौरान इस तरह के कई शैक्षिक अभियान चलाए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से स्कूलों में जाकर बच्चों को सुरक्षा के गुर सिखाना शामिल है। दिल्ली पुलिस के निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में नियमित रूप से आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बचपन से ही बच्चों में सुरक्षा के प्रति समझ विकसित हो सके।
सोशल मीडिया पर #GoodTouchBadTouch और #WomenSafety जैसे हैशटैग के साथ इस मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस जानकारी से जुड़ सकें और समाज में एक सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सके।