स्नैचिंग रोकने के लिए साउथ जिला पुलिस का एक्शन, सड़कों पर बढ़ाई गई चौकसी
दिल्ली की साउथ जिला पुलिस ने स्नैचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया है। जानें कैसे बढ़ाई जा रही है सुरक्षा।

राजधानी दिल्ली में चेन और मोबाइल स्नैचिंग जैसी वारदातों पर लगाम लगाने के लिए साउथ जिला पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। सार्वजनिक सुरक्षा को पुख्ता करने और अपराधियों के मन में डर पैदा करने के लिए पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र में सुबह-सुबह विशेष एंटी-स्नैचिंग पिकेट चेकिंग अभियान चलाया। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना है ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करें और अपराधी किसी भी गलत हरकत से पहले सौ बार सोचें।
अपराधियों पर नकेल कसने के लिए 'ऑपरेशन आघात 2.0' का सहारा
डीसीपी (साउथ दिल्ली) कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया के जरिए साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह प्रिवेंटिव पुलिसिंग का एक हिस्सा है। दिल्ली पुलिस अपनी बीट पेट्रोलिंग और समय पर हस्तक्षेप की रणनीति पर जोर दे रही है ताकि जनता का पुलिस पर भरोसा बढ़े।
बता दें कि यह पूरी कवायद दिल्ली पुलिस की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें 'ऑपरेशन आघात 2.0' जैसे अभियान शामिल हैं। इस ऑपरेशन के जरिए स्ट्रीट क्राइम और संगठित अपराधों को जड़ से खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, स्नैचिंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अब कानूनी स्तर पर भी सख्ती की तैयारी है। भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत स्नैचिंग के मामलों में अधिक कड़े और गैर-जमानती प्रावधान लागू करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके और शहर की सड़कों पर चोरी की वारदातें कम हों।