स्नैचिंग रोकने के लिए दिल्ली पुलिस का एक्शन, दक्षिण जिले में सुबह-सुबह चलाया विशेष ऑपरेशन
दक्षिण जिला पुलिस ने स्नैचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए सुबह-सुबह विशेष पिकेट ऑपरेशन चलाया। जानें क्या है पूरी रणनीति।

राजधानी में चेन और मोबाइल स्नैचिंग जैसी वारदातों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस अब और ज्यादा सख्त रुख अपना रही है। इसी कड़ी में 28 अक्टूबर 2026 की सुबह दक्षिण जिला पुलिस ने एक विशेष दिल्ली एंटी-स्नैचिंग ऑपरेशन चलाया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न इलाकों में पिकेट लगाए गए, ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
पुलिस की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य स्नैचिंग की घटनाओं को रोकना और सड़कों पर गश्त बढ़ाकर अपराधियों के मन में डर पैदा करना है। इस ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध वाहनों की गहन चेकिंग की गई और उन हॉटस्पॉट्स पर विशेष नजर रखी गई, जहां पहले ऐसी वारदातें ज्यादा हुई हैं। पूरी प्रक्रिया की निगरानी खुद डीसीपी (DCP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न रहे।
सख्त कानून और गश्त से बढ़ेगी सुरक्षा
दिल्ली पुलिस केवल पिकेट लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्ट्रीट क्राइम को खत्म करने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए अब सीसीटीवी ऑडिट और वल्नरेबिलिटी मैपिंग जैसे आधुनिक तरीकों का सहारा लिया जा रहा है।
गौरतलब है कि स्नैचिंग जैसी वारदातों को रोकने के लिए कानूनी स्तर पर भी प्रयास किए गए हैं। भारतीय दंड संहिता (IPC) में संशोधन के जरिए धारा 379A और 379B जैसे प्रस्ताव लाए गए, ताकि स्नैचिंग को एक गैर-जमानती अपराध बनाया जा सके। इससे न केवल जेल की सजा की अवधि बढ़ेगी, बल्कि भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा, जिससे अपराधियों के लिए यह जोखिम भरा सौदा होगा।
पुलिस का मानना है कि नियमित गश्त और समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे औचक निरीक्षणों से शहर की कानून व्यवस्था बेहतर होगी और आम नागरिक बिना किसी डर के सड़कों पर निकल सकेंगे।