दक्षिण दिल्ली में संपत्ति विवाद के कारण खूनी संघर्ष, अयानगर और कालकाजी में कई हत्याएं

दक्षिण दिल्ली में लंबे समय से चले आ रहे संपत्ति विवादों के कारण कई परिवारों में हिंसक झड़पें हुई हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है और पिछले कुछ महीनों में कई मौतें दर्ज की गई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अयानगर और कालकाजी जैसे इलाकों में आपसी रंजिश के कारण हिंसा लगातार बढ़ रही है और इस पर पुलिस जांच कर रही है। अयानगर में दीपक लोहिया और अरुण लोहिया के परिवारों के बीच दो साल से चल रहे संपत्ति विवाद के कारण 2024 से लेकर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में 14 सितंबर 2026 को जिम के बाहर 28 साल के जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो इस हिंसा का ताजा शिकार बने। इससे पहले नवंबर 2025 में रतन लोहिया और मई 2026 में छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास अरुण लोहिया की हत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अरुण लोहिया की हत्या के बाद पुलिस ने दीपक, योगेश और विजय के भाई अजय कुमार को गिरफ्तार किया था। दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने पुष्टि की है कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। इसके अलावा, जांचकर्ता सोशल मीडिया पर किए जा रहे उन दावों की भी जांच कर रहे हैं जिनमें इस हिंसा का संबंध हिमांशु भाऊ गैंग से बताया जा रहा है। एक अन्य घटना में कालकाजी इलाके में 19 और 20 सितंबर 2026 की रात को आवासीय संपत्ति के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। अवैध निर्माण, जिसमें एक अतिरिक्त सीढ़ी और कमरे शामिल थे, को लेकर पड़ोसियों के साथ हुई झड़प के बाद 48 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मंजीत सिंह उर्फ बंटी की मौत हो गई। इस आपसी झड़प के दौरान उनके भाई दिलबाग सिंह को भी चोटें आईं। पीड़ित परिवार ने इस घटना के मुख्य आरोपी के रूप में राजेंद्र उर्फ राजी चौधरी की पहचान की है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी तलाश कर रही है।