दक्षिण दिल्ली में लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवादों के कारण हिंसक वारदातों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कई परिवार आपसी रंजिश और बदले की आग में फंस चुके हैं। आयानगर इलाके में 14 सितंबर 2026 को 28 वर्षीय जिम ट्रेनर विजय कुमार की उनके जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों को शक है कि यह मौत दीपक लोहिया और अरुण लोहिया के परिवारों के बीच 2024 से जमीन को लेकर चल रहे दो साल पुराने विवाद का हिस्सा है।
इस आपसी रंजिश में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। इसमें नवंबर 2025 में गोली का शिकार बने रतन लोहिया और मई 2026 में छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास मारे गए अरुण लोहिया शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के नेतृत्व में हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें बना दी गई हैं। जांचकर्ता ऑनलाइन जिम्मेदारी के दावे सामने आने के बाद हिमांशु भाऊ गिरोह से संभावित संबंधों की भी जांच कर रहे हैं। अरुण लोहिया हत्याकांड में पहले दीपक, योगेश और खुद मृतक के भाई अजय कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एक अन्य घटना में कालकाजी इलाके में 19-20 सितंबर 2026 की रात को हिंसक झड़प के बाद
48 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मंजीत सिंह उर्फ बंटी की मौत हो गई। इस मारपीट में उनके भाई दिलबाग सिंह भी घायल हो गए।
यह झगड़ा इमारत के भूतल और तीसरी मंजिल के निवासियों के बीच एक अतिरिक्त कमरे और सीढ़ी समेत अवैध निर्माण को लेकर हुए संपत्ति विवाद के कारण हुआ था। परिवार के सदस्यों ने राजेंद्र उर्फ रज्जी चौधरी को मुख्य आरोपी बताया है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में शुरुआती तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार चल रहे तीन अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।