साकेत के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में साउथ दिल्ली पुलिस ने आयोजित की सेल्फ-डिफेंस और POCSO वर्कशॉप

6 अगस्त 2026 को साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने साकेत के एमिティ इंटरनेशनल स्कूल में सेल्फ-डिफेंस और Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act पर एक अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया। यह कार्यक्रम DCP South Delhi के ऑफिशियल Twitter हैंडल के जरिए oficialmente अनाउंस किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स को जरूरी जानकारी और प्रैक्टिकल स्किल्स से लैस करना था। इस इवेंट में शामिल हुए लोगों को पर्सनल सेफ्टी की ट्रेनिंग दी गई, POCSO Act की पूरी जानकारी समझाई गई, इफेक्टिव रिपोर्टिंग मैकेनिज्म के बारे में बताया गया और सेल्फ-डिफेंस की तकनीकें सिखाई गईं ताकि बच्चों में कॉन्फिडेंस और तैयारी बढ़ सके।
- 6 अगस्त 2026 को साकेत के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में वर्कशॉप हुई।
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा जुलाई 2026 में "Delhi's POCSO Awareness Month" कैंपेन लॉन्च किया गया था।
- दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में अनिवार्य POCSO अवेयरनेस सेशन और सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग देना जरूरी है।
- दिल्ली पुलिस ने हर जिले में एक Additional Deputy Commissioner of Police को नोडल ऑफिसर बनाया है।
दिल्ली में बड़े पैमाने पर चल रहा सेफ्टी ड्राइव
यह वर्कशॉप "Delhi's POCSO Awareness Month" नाम के एक बड़े सिटी-वाइड इनिशिएटिव का हिस्सा है, जिसे जुलाई 2026 में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा लॉन्च किया गया था। मुख्यमंत्री के आदेश के मुताबिक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में अनिवार्य POCSO अवेयरनेस सेशन, "गुड टच और बैड टच" ट्रेनिंग और सेल्फ-डिफेंस की शिक्षा देना जरूरी है। इस बड़े कैंपेन का मकसद बच्चों की सेफ्टी के तंत्र को मजबूत करना और राजधानी के सभी एजुकेशनल संस्थानों में परमानेंट प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल लागू करना है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए कई विभाग मिलकर कर रहे काम
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बच्चों की सुरक्षा को सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बताया है। इन पहलों की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए, दिल्ली पुलिस ने हर जिले में एक Additional Deputy Commissioner of Police को बच्चों के सुरक्षा मामलों की निगरानी के लिए नोडल ऑफिसर बनाया है। इस पूरी योजना को आगे बढ़ाने में दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR), Delhi Commission for Protection of Child Rights (DCPCR) और Women and Child Development Department मिलकर काम कर रहे हैं।