यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक्शन में दिल्ली पुलिस, बसों की सघन जांच शुरू

राजधानी दिल्ली में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दक्षिण जिला पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को बसों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करना और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना है। दक्षिण दिल्ली के डीसीपी ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह कार्रवाई शहर में आवाजाही करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
सख्ती से लागू होंगे सुरक्षा नियम, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
यह अभियान दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत चलाया जा रहा है। अब बसों में कुछ चीजों का होना अनिवार्य कर दिया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- काम करने वाले व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइसेस (VLTD)
- आसानी से उपलब्ध पैनिक बटन
- अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) और प्राथमिक चिकित्सा किट
नियमों को और सख्त बनाते हुए अब बसों की खिड़कियों पर पर्दे या किसी भी तरह की अनधिकृत फिल्म लगाने पर पाबंदी लगा दी गई है, ताकि बाहर से स्पष्ट दृश्यता बनी रहे। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने साफ किया है कि यात्री सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि बस ऑपरेटर यह सुनिश्चित करें कि उनके स्टाफ के पास वैध लाइसेंस हो, वे वर्दी में हों और उनका पूरी तरह सत्यापन (Verification) किया गया हो।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि बस में किसी यात्री के साथ छेड़छाड़ या ईव-टीजिंग जैसी घटना होती है, तो बस क्रू को तुरंत वाहन को नजदीकी पुलिस स्टेशन या पीसीआर वैन की ओर मोड़ने का निर्देश दिया गया है। अगर कोई बस ऑपरेटर इन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता है, तो भारी जुर्माना, वाहन जब्त करने या परमिट रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।