South Delhi Luxury Floor Prices Q2 2026: दक्षिण दिल्ली में लग्जरी फ्लोर के दाम 21 प्रतिशत तक बढ़े

नई दिल्ली में 11 अगस्त 2026 को जारी Golden Growth Fund की रिपोर्ट के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और देश के शीर्ष शहरों में सुस्त रियल एस्टेट मांग के बावजूद दक्षिण दिल्ली ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून तिमाही (Q2 2026) में लग्जरी स्वतंत्र फ्लोर की औसत कीमत में 6 से 21 प्रतिशत की सालाना (YoY) बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
श्रेणी ए और बी कॉलोनियों में कीमतों में बढ़ोतरी
रिपोर्ट के मुताबिक, श्रेणी ए की कॉलोनियों में 2500 वर्ग फीट के फ्लोर की कीमत Q2 2025 के 16-22 करोड़ रुपये से बढ़कर Q2 2026 में 18-28 करोड़ रुपये हो गई, जिससे 21 प्रतिशत की तेजी आई। इसी तरह, 6000 वर्ग फीट के फ्लोर की कीमत 36-45 करोड़ रुपये से बढ़कर 41-56 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें 20 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। 6000 वर्ग फीट के फ्लोर की औसत कीमत Q2 2026 में लगभग 50 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई। श्रेणी ए की कुछ कॉलोनियों में मेफेयर गार्डन, पंचशील पार्क, आनंद निकेतन, वसंत विहार, शांति निकेतन, वेस्टएंड, चाणक्यपुरी, गोल्फ लिंक्स, जोर बाग, सुंदर नगर और महारानी बाग शामिल हैं।
इसी तरह, श्रेणी बी की कॉलोनियों में 2500 वर्ग फीट के फ्लोर की कीमत Q2 2025 के 8.5-11 करोड़ रुपये से बढ़कर Q2 2026 में 9-12.5 करोड़ रुपये हो गई, जो 10 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है। इसके अलावा 3200 वर्ग फीट के फ्लोर की कीमत में 6 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई। श्रेणी बी की कॉलोनियों में चिराग एन्क्लेव, आनंद लोक, जीके, ग्रीन पार्क, गुलमोहर पार्क, नीति बाग, डिफेंस कॉलोनी, सफदरजंग एन्क्लेव और कैलाश कॉलोनी शामिल हैं।
विशेषज्ञों की राय और बाजार की स्थिति
Golden Growth Fund के सीईओ अंकुर जालान ने बताया कि दक्षिण दिल्ली का आवासीय बाजार मजबूत संरचनात्मक लचीलापन दिखा रहा है और कम आपूर्ति के बीच निरंतर मांग के कारण फ्लोर की कीमत में 21 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। प्रीमियमकरण, पुनर्विकास और एचएनआई (HNIs) तथा एनआरआई (NRIs) की बढ़ती मांग इस गति को समर्थन दे रही है। जालान ने आगे कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण एनआरआई और एचएनआई अपने निवेश को मध्य पूर्व से दक्षिण दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार में स्थानांतरित कर रहे हैं ताकि निवेश की सुरक्षा बनी रहे।
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दिल्ली की सभी कॉलोनियों को ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी और एच इन आठ श्रेणियों में विभाजित किया है। संपत्ति पंजीकरण के लिए सर्कल रेट, प्रॉपर्टी टैक्स और स्टाम्प ड्यूटी चार्ज इन्हीं श्रेणियों पर आधारित होते हैं।