फिल्म 'दूसरा' में पर्सनालिटी राइट्स उल्लंघन का मामला, दिल्ली हाई कोर्ट ने सौरव गांगुली से मांगा ब्योरा
दिल्ली हाई कोर्ट ने सौरव गांगुली से फिल्म 'दूसरा' में पर्सनालिटी राइट्स के उल्लंघन वाले हिस्सों को चिन्हित करने को कहा है।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और फिल्म 'दूसरा' के निर्माताओं के बीच कानूनी जंग अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने जस्टिस प्रतीक जालान की अध्यक्षता में गांगुली को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि फिल्म के किन खास हिस्सों में उनके सौरव गांगुली पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन किया गया है। कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं से पूरी फिल्म पेन ड्राइव में जमा करने को कहा है ताकि मामले की बारीकी से जांच की जा सके।
इस कानूनी विवाद में लव फिल्म्स एलएलपी (Luv Films LLP) भी सह-याचिकाकर्ता के रूप में शामिल है, जो गांगुली की आधिकारिक बायोपिक 'दादा' पर काम कर रही है। कोर्ट ने लव फिल्म्स को अपनी आगामी बायोपिक की स्क्रिप्ट सीलबंद लिफाफे में जमा करने और यह बताने को कहा है कि फिल्म 'दूसरा' उनके कॉन्ट्रैक्टुअल अधिकारों का उल्लंघन कैसे करती है। गौरतलब है कि लव फिल्म्स के पास 5 अगस्त 2021 के समझौते के तहत गांगुली के जीवन और करियर पर फिल्म बनाने के विशेष अधिकार हैं।
फिल्म निर्माता और गांगुली के दावों में टकराव
सुनवाई के दौरान गांगुली के वकीलों ने दलील दी कि फिल्म में उनकी छवि का अनाधिकृत उपयोग किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि फिल्म का इंटरमिशन के बाद वाला हिस्सा पूरी तरह से 2002 की नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल पर केंद्रित है। वहीं, फिल्म निर्माताओं के वकीलों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने खेल फुटेज के कॉपीराइट धारकों से जरूरी अनुमति ली है।
निर्माताओं का तर्क है कि यह फिल्म किसी की बायोपिक नहीं, बल्कि राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की की काल्पनिक कहानी है और गांगुली केवल एक 'प्रेरणा स्रोत' रहे हैं। इससे पहले, 22 अक्टूबर 2026 को कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था, क्योंकि 100 से अधिक थिएटर पहले ही बुक हो चुके थे। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को तय की गई है।