सौरव गांगुली ने 'दूसरा' फिल्म के खिलाफ की याचिका, दिल्ली हाई कोर्ट ने मेकर्स से मांगा जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट ने 'दूसरा' फिल्म के मेकर्स से सौरव गांगुली के पर्सनैलिटी राइट्स मामले पर जवाब मांगा है। जानें कोर्ट ने रिलीज पर क्या कहा।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
सौरव गांगुली ने 'दूसरा' फिल्म के खिलाफ की याचिका, दिल्ली हाई कोर्ट ने मेकर्स से मांगा जवाब

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और फिल्म 'दूसरा' के निर्माताओं के बीच कानूनी जंग अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई है। गांगुली ने अपनी पहचान, उपलब्धियों और पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) के अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है। कोर्ट ने इस मामले में फिल्म निर्माताओं को औपचारिक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

22 अक्टूबर 2026 को जस्टिस दिनेश भट्ट की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान एक अहम मोड़ आया। हालांकि सौरव गांगुली और लव फिल्म्स एलएलपी ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। जस्टिस भट्ट ने स्पष्ट किया कि फिल्म की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, इसलिए यह 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सिनेमाघरों में आ सकती है।

विवाद की मुख्य वजह और दोनों पक्षों के तर्क

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इस कानूनी लड़ाई के केंद्र में गांगुली की छवि और उनके करियर की ऐतिहासिक यादें हैं। याचिका में कहा गया है कि फिल्म में उनकी कप्तानी, 2002 नेटवेस्ट सीरीज फाइनल की जीत और लॉर्ड्स के मैदान पर शर्ट उतारकर जश्न मनाने वाले उनके प्रतिष्ठित अंदाज का इस्तेमाल बिना अनुमति के किया गया है। लव फिल्म्स एलएलपी, जिसके पास 5 अगस्त 2021 से गांगुली की अधिकृत बायोपिक बनाने का विशेष अधिकार है, का तर्क है कि 'दूसरा' फिल्म उनके आने वाले प्रोजेक्ट की कमर्शियल वैल्यू को नुकसान पहुंचाएगी।

दूसरी ओर, निर्देशक अभिनय देव और फिल्म निर्माताओं का दावा है कि 'दूसरा' कोई पारंपरिक बायोपिक नहीं है, बल्कि एक काल्पनिक कहानी है जो गांगुली से प्रेरित एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है। मेकर्स का कहना है कि उन्होंने नेटवेस्ट सीरीज के फुटेज के लिए बीसीसीआई और संबंधित अधिकार धारकों से जरूरी अनुमति ले ली है। उनका यह भी तर्क है कि सार्वजनिक मैचों के फुटेज पर किसी एक खिलाड़ी का निजी मालिकाना हक नहीं होता।

पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन के दावे की गहराई से जांच करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने एक दिलचस्प कदम उठाया है। कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे अदालत के लिए फिल्म की एक प्राइवेट स्क्रीनिंग का इंतजाम करें। इस मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को होगी।

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