सोनीपत: शहीद पुलिसकर्मियों की शौर्यगाथाओं से प्रेरित हुए 26 जवान, पहुंचे दिल्ली संग्रहालय
सोनीपत पुलिस के 26 जवानों ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस संग्रहालय में शहीद पुलिसकर्मियों की शौर्यगाथाओं को जाना और देशभक्ति की प्रेरणा ली।

देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले जांबाजों की कहानियां सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि प्रेरणा के रूप में जवानों के दिलों में उतर गईं। रविवार को सोनीपत पुलिस के 26 जवानों ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस संग्रहालय दौरा किया, जहां उन्होंने देश के उन वीर पुलिसकर्मियों की शौर्यगाथाओं को करीब से देखा और समझा जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
पुलिस आयुक्त ममता सिंह के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस खास भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जवानों के भीतर देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करना था। इस दल का नेतृत्व निरीक्षक जसमेर और लाइन अफसर उप निरीक्षक कुलदीप सिंह ने किया। संग्रहालय की यात्रा के दौरान जवानों ने न केवल शहीदों के अदम्य साहस की कहानियों को जाना, बल्कि भारतीय पुलिस के गौरवशाली इतिहास और देश की सुरक्षा में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की।
वर्दी की जिम्मेदारी और शहीदों का संकल्प
संग्रहालय में प्रदर्शित उपलब्धियों और बलिदानों ने जवानों को यह एहसास दिलाया कि खाकी वर्दी केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और कानून की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में डटे रहने का एक पवित्र संकल्प है। जवानों ने विभिन्न राज्यों की पुलिस की उपलब्धियों को देखा और समझा कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी ईमानदारी और साहस के साथ कर्तव्य निभाया जाता है।
इस अवसर पर पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने अपना संदेश साझा करते हुए कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान पुलिस बल की एक अमूल्य धरोहर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर जवान को इन वीरों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर पूरी निष्ठा, साहस और संवेदनशीलता के साथ आम जनता की सेवा करनी चाहिए। इस तरह के दौरों से जवानों में अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण बढ़ता है और उन्हें शहीदों के योगदान को याद रखने का अवसर मिलता है।