सोनीपत में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पुलिस अलर्ट, दिल्ली सीमा पर नाकेबंदी
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए सोनीपत सीमा पर पुलिस अलर्ट है। BS-3 और BS-4 वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी है, जांच के बाद ही एंट्री मिल रही है।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। रविवार से लागू हुए नए नियमों के बाद सोनीपत पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दिल्ली सीमा समेत जिले के कई अहम पॉइंट्स पर नाकेबंदी की गई है, जहां पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें वाहनों की सघन जांच कर रही हैं। केवल वही वाहन दिल्ली की ओर बढ़ पा रहे हैं, जो तय प्रदूषण मानकों को पूरा करते हैं।
नए नियमों के मुताबिक, अब दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, जो BS-6 मानक से कम के हैं। इसका मतलब है कि BS-3 और BS-4 श्रेणी के वाहनों की एंट्री अब प्रतिबंधित कर दी गई है। इस सख्ती का असर सिर्फ सोनीपत ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और झज्जर जैसे एनसीआर इलाकों में भी साफ देखा जा रहा है।
इन रास्तों पर बढ़ाई गई निगरानी
सोनीपत के सिंधु-कुंडली, सबोली और औचंदी जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की पैनी नजर है। इसके अलावा नेशनल हाईवे-44 पर भी विशेष टीमें तैनात की गई हैं। हालांकि, रास्तों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन जांच प्रक्रिया कड़ी कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए प्रतिबंधित श्रेणी के कमर्शियल वाहनों को कुंडली-मानेसर-पलवल और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे की तरफ मोड़ा जा रहा है।
दूसरी तरफ, फरीदाबाद में नियमों की अनदेखी करने वालों के चालान काटे जा रहे हैं, जबकि गुरुग्राम में विशेष टीमें गश्त कर रही हैं। अधिकारियों ने बस संचालकों और ट्रांसपोर्टरों को साफ हिदायत दी है कि वे प्रतिबंधित वाहनों को दिल्ली न भेजें।
सोनीपत पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे दिल्ली जाने से पहले अपने वाहन का प्रदूषण मानक और वैध PUC सर्टिफिकेट जरूर चेक कर लें। BS-6 से कम मानक वाले वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें, ताकि उन्हें भारी चालान या ट्रैफिक की परेशानी का सामना न करना पड़े।