सोनिया विहार मर्डर केस: पत्नी को पाने की सनक, दोस्त ने ही रची हत्या की साजिश, 7 गिरफ्तार

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके सोनिया विहार में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। सोनिया विहार मर्डर केस में पुलिस ने कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। इस पूरी वारदात के पीछे की वजह बेहद चौंकाने वाली है; एक दोस्त ने अपने ही परिचित मनीष यादव (34) की हत्या की साजिश सिर्फ इसलिए रची ताकि वह उसकी पत्नी से शादी कर सके।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड उमेश मौर्य उर्फ मयंक है। मयंक का मनीष की पत्नी के प्रति आकर्षण था और वह उससे शादी करना चाहता था। इसी सनक के चलते उसने मनीष को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और दो नाबालिग लड़कों को 2 लाख रुपये का कॉन्ट्रैक्ट देकर इस काम के लिए तैयार किया। मयंक ने ही हथियार और मोटरसाइकिल का इंतजाम भी करवाया था।
1000 रुपये के बहाने बुलाया और कर दिया मर्डर
वारदात की प्लानिंग इतनी सटीक थी कि मयंक ने मनीष को फंसाने के लिए एक छोटा सा जाल बुना। 13 अक्टूबर की रात करीब 9:10 बजे, मनीष नोएडा में अपनी बहन की परीक्षा के सिलसिले में गया था। मयंक ने उसे वापस सोनिया विहार बुलाने के लिए 1,000 रुपये लौटाने का बहाना बनाया। उसने मनीष को 100 रुपये UPI के जरिए भेजे और बदले में कैश मांगा। जैसे ही मनीष बाहर निकला, हेलमेट पहने मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने करीब से उसके सिर में गोली मार दी।
हैरानी की बात यह है कि वारदात के बाद मयंक ने खुद घायल मनीष को उसके घर की तरफ ले जाने में मदद की, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पड़ोसियों ने मनीष को तुरंत सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में तकनीकी जांच और 200 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे गवाहों के बयानों में विरोधाभास सामने आया। जांच में पता चला कि विवेक सिंह नाम के युवक ने नाबालिगों को UPI के जरिए पैसे पहुंचाए थे। वहीं, हथियार की सप्लाई भीम सिंह ने की थी, जिसने दावा किया कि पिस्टल उसके भाई की थी जिसकी तीन साल पहले तिमarpur में हत्या हो गई थी।
पुलिस ने इस मामले में उमेश मौर्य (38), विवेक सिंह (26), आनंद (22), नितिन उर्फ नरेंद्र (32) और भीम सिंह (45) समेत दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और दो कारतूस बरामद कर लिए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कारतूस कहां से आए और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था।