"लगा कि वह वही इंसान हैं जिसके साथ मैं रहना चाहती हूँ", सोनिया गांधी ने X पर साझा की राजीव गांधी से पहली मुलाकात की यादें
सोनिया गांधी ने X (ट्विटर) पर डेब्यू करते हुए अपनी आने वाली किताब के जरिए राजीव गांधी के साथ अपनी पहली मुलाकात की यादें साझा कीं।

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपना पहला कदम रखा है। अपने इस डेब्यू के जरिए उन्होंने न केवल दुनिया से संवाद किया, बल्कि अपनी आने वाली जीवनी 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) की एक खास झलक भी पेश की। एक भावुक वीडियो पोस्ट में सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ अपनी पहली मुलाकात के उन अनकहे पलों को याद किया, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
सोनिया गांधी ने बताया कि यह मुलाकात इंग्लैंड में एक ग्रीक रेस्टोरेंट में हुई थी, जब वे दोनों छात्र थे। उन्होंने याद किया कि कैसे वह इंग्लैंड में इटालियन खाने की तलाश कर रही थीं और इसी दौरान उन्हें एक ऐसा ग्रीक रेस्टोरेंट मिला, जहाँ यूरोपीय और भारतीय छात्र अक्सर खाना खाने आते थे। इसी जगह पर उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई। सोनिया गांधी ने उस पल को याद करते हुए कहा, "जब मैं उनसे पहली बार मिली, तो मुझे तुरंत महसूस हुआ कि वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनके साथ मैं रहना चाहूंगी। और बाद में मुझे पता चला कि उनके मन में भी मेरे लिए वैसा ही अहसास था।"
राजीव गांधी की सादगी ने जीता दिल
सोनिया गांधी ने साझा किया कि एक साझा मित्र ने ही उनका परिचय राजीव गांधी से कराया था। इसके बाद वे दोस्त बन गए और साथ में पार्टियों में जाने लगे और नई जगहें देखने लगे। उन्होंने एक 'वेलेंटाइन पार्टी' का जिक्र भी किया जहाँ कई छात्र शामिल हुए थे। राजीव गांधी के व्यक्तित्व के बारे में बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी सौम्यता ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "वह दिखने में बहुत अच्छे थे, लेकिन उनकी सादगी और सौम्यता ऐसी थी जिसने मुझे गहराई से छुआ। वह बात मुझे आज भी याद है।"
बता दें कि सोनिया गांधी और राजीव गांधी ने 25 फरवरी, 1968 को शादी की थी। X से पहले सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी, जहाँ उन्होंने अपनी किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' का पहला लुक साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह किताब प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपनेपन की तलाश की कहानी है। यह संस्मरण उनके युद्धोत्तर इटली के बचपन से लेकर भारत आने और उन व्यक्तिगत दुखों तक के सफर को बयां करता है, जिन्होंने उनके जीवन और इस देश के साथ उनके रिश्ते को आकार दिया।