स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला, कहा- चुनाव आयोग पर सवाल उठाना बेहद शर्मनाक

Kittu Kumari29 September 20262 min read2 viewsNational
स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला, कहा- चुनाव आयोग पर सवाल उठाना बेहद शर्मनाक

भारतीय जनता पार्टी की नेता स्मृति ईरानी ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और अपनी चुनावी हार पर आत्मनिरीक्षण करने के बजाय भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का गंभीर आरोप लगाया। स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हमलों को देश के बुनियादी लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व भारत के संवैधानिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

मतदाता सूची के अपडेट और 13.3 करोड़ प्रविष्टियों के दावों पर बात करते हुए, स्मृति ईरानी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग ने पहले ही बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा मृत और फर्जी मतदाताओं को हटाने के लिए की गई घर-घर जाकर सत्यापन प्रक्रिया पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि अगर मतदाता सूची में मृत लोगों के नाम या फर्जी प्रविष्टियां हैं, तो कांग्रेस पार्टी मृत लोगों के नाम वापस क्यों जुड़वाना चाहती है और फर्जी प्रविष्टियों को क्यों बनाए रखना चाहती है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में कांग्रेस की नीति पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस पार्टी के ऐतिहासिक संदर्भों पर पलटवार करते हुए, स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के गठन पर सवाल उठाया और ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा के लिए बनाई गई थी, वह आज चुनाव आयोग पर हमला कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे अधिक शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।

दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन की बैठक से एक दिन पहले मंगलवार को कांग्रेस ने चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक असहमति की मीडिया रिपोर्टों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में इस मांग का प्रस्ताव पास किया गया। CWC के प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ कई राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तुरंत रोकने और हटाए गए 13 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की गई। यह प्रतिक्रिया इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद आई जिसमें दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR के संचालन को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 14 प्रक्रियात्मक और कानूनी आपत्तियां उठाई थीं।

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