CEC के इस्तीफे की मांग: 23 अक्टूबर को दिल्ली कूच करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
CEC के इस्तीफे की मांग: 23 अक्टूबर को दिल्ली कूच करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अब किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने आगामी 23 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली की ओर कूच करने का ऐलान किया है। यह फैसला करनाल में आयोजित एसकेएम की नेशनल काउंसिल की बैठक में लिया गया। किसानों का आरोप है कि चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं, जिससे बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटा दिए गए।

ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष और एसकेएम के वरिष्ठ नेता अशोक धवले ने स्पष्ट किया कि यह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। इस मांग को मजबूती देने के लिए देश भर के जिला, तालुका और ब्लॉक मुख्यालयों पर एक साथ विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। विवाद की जड़ में यह आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर एकतरफा फैसले लिए और वोटर लिस्ट में बदलाव किए। विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के सदस्यों ने भी इन दावों का समर्थन किया है और कहा है कि पिछले 10 महीनों में आयोग के भीतर इस मुद्दे पर 14 बार आपत्तियां जताई गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट में मामला और चुनाव आयोग की सफाई

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इस पूरे मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने और एसआईआर प्रक्रिया की चुनौती देने वाली याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी किया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए और कानूनी परंपराओं का पालन किया गया है।

तनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने अब वापस सालाना स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) प्रक्रिया को अपनाने का फैसला किया है। साथ ही, फॉर्म 7 के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत एक मतदाता अब दावे की अवधि के दौरान अधिकतम 10 आपत्तियां ही दर्ज करा सकेगा। प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए यह भी तय किया गया है कि एसएसआर प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का तबादला आयोग की मंजूरी के बिना नहीं होगा।

किसानों का यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। 23 अक्टूबर के मार्च के बाद, संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 नवंबर को भी देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है, जो मूल किसान आंदोलन की छठी वर्षगांठ का प्रतीक होगा।

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