मध्य दिल्ली में सफाई अभियान के दौरान मिला कंकाल जैसा अवशेष, पुलिस जांच में जुटी

नई दिल्ली में एक सफाई अभियान के दौरान कबाड़ के बीच कंकाल जैसा एक संदिग्ध अवशेष मिलने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस घटना के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, एक कबाड़ डीलर ने उन्हें इसकी सूचना दी थी जब उसे कबाड़ सामग्री में मानव अवशेष जैसी चीज मिली। डीलर का दावा है कि उसने लगभग एक महीने पहले एक स्कूल से कबाड़ खरीदा था और उसी के साथ यह अवशेषों वाला डिब्बा भी आया था। पुलिस इस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है और स्कूल प्रशासन से पूछताछ की जा रही है।
कंकाल या शिक्षण सामग्री? पुलिस कर रही है तथ्यों की पुष्टि
पुलिस का कहना है कि यह संदिग्ध वस्तु स्कूल के जैविक कचरे का हिस्सा हो सकती है, जिसका उपयोग शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए एक नमूने के रूप में किया जाता था। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि अभी यह सत्यापित किया जाना बाकी है कि यह वस्तु वास्तव में कोई कंकाल है या शिक्षण उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कोई डमी। पुलिस फिलहाल सभी तथ्यों की सत्यता की जांच करने में जुटी हुई है और इस संबंध में कबाड़ डीलर तथा स्कूल प्रशासन से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।
फरार हत्या का दोषी हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार
इसी बीच, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी-रोबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) ने एक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी 2015 में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दी गई फरलो से कथित तौर पर फरार हो गया था और अपनी असली पहचान छिपाकर हिमाचल प्रदेश के एक गांव में 11 साल से छिपकर रह रहा था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस आरोपी की पहचान अमित उर्फ संजय उर्फ जयपाल के रूप में हुई है, जिसे 2010 में मयूर विहार पुलिस स्टेशन में दर्ज एक हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई
आरोपी अमित उर्फ संजय को इंस्पेक्टर दीपक दहिया के नेतृत्व में ARSC क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा है। यह कार्रवाई एसीपी संजय नागपाल और विवेकानंद पाठक की निगरानी तथा डीसीपी क्राइम संजीव कुमार यादव के समग्र मार्गदर्शन में पूरी की गई। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग की अदालत ने 25 मई 2011 के आदेश के तहत मयूर विहार पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दर्ज मामले में अमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।