राम मंदिर दान चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी सरकार ने गठित की नई SIT

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में मिले दान में चोरी और अनियमितताओं की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। यह बड़ा फैसला सुप्रीम कोर्ट के 13 और 20 जुलाई 2026 के निर्देशों के बाद लिया गया है।
- नई SIT की कमान IG किरण एस संभालेंगी।
- टीम में अयोध्या के DIG सोमेन वर्मा और SSP डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं।
- SIT को अपनी पहली प्रोग्रेस रिपोर्ट 27 जुलाई 2026 तक सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी है।
पुरानी जांच और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
इससे पहले जून 2026 में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर एक तीन सदस्यीय टीम बनाई गई थी। इस टीम ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में दान की गिनती के दौरान चोरी और धांधली के सबूत पाए थे। पुलिस ने 25 जून 2026 को FIR दर्ज की थी, जिसके बाद गिनती प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से करीब 80 लाख रुपये नकद और विदेशी मुद्रा बरामद की है, जिन्हें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
सुप्रीम कोर्ट में नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अजय कुमार राय, दिनेश कुमार यादव और राजद सांसद सुधाकर सिंह समेत कई याचिकाकर्ताओं ने CBI जांच या CAG ऑडिट की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारी के नेतृत्व में नई SIT बनाने का आदेश दिया।
आगे की जांच का दायरा
नई SIT का काम केवल पुरानी चोरी तक सीमित नहीं रहेगा। इस टीम को मंदिर निर्माण में हुए खर्च और पिछले पांच वर्षों के खातों के दोबारा ऑडिट सहित वित्तीय अनियमितताओं की भी गहन जांच करनी होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि दानदाताओं का भरोसा बना रहे।