श्रावण कांवड़ में बच्चों को बैठाकर निकले पिता, मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर बनी आस्था की अनोखी मिसाल

दिल्ली निवासी सतीश अपनी विशेष श्रवण कांवड़ में एक ओर अपनी 5 वर्षीय बेटी और दूसरी ओर ढाई वर्षीय बेटे को बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। गुरुवार को मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक शिव चौक पर यह अनूठी कांवड़ पहुंची, जिसे देखकर श्रद्धालु भावुक हुए और माता-पिता के इस संकल्प की सराहना की। दोनों बच्चे पूरे रास्ते अपने पिता के साथ भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए यात्रा का हिस्सा बने हुए हैं, जो कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और प्रेरणा का विषय बना हुआ है।
संस्कारों का संदेश और बच्चों को धर्म से जोड़ना
सतीश ने बताया कि उनका उद्देश्य अपने बच्चों को बचपन से ही भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक संस्कारों से जोड़ना है। उनका कहना है कि यदि बच्चों को छोटी उम्र से अच्छे संस्कार दिए जाएं तो वे जीवनभर अपनी संस्कृति और परिवार के मूल्यों का सम्मान करना सीखते हैं। समाज में महिलाओं के सम्मान और परिवार के संस्कारों का संदेश देना भी उनकी इस यात्रा का उद्देश्य है। बच्चों की मां अंजलि ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे की कामना पूरी होने पर केदारनाथ धाम की यात्रा करने की मन्नत मांगी थी और कांवड़ यात्रा पूरी होने के बाद पूरा परिवार बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए जाएगा।
रोजाना 10 से 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा
सतीश प्रतिदिन करीब 10 से 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। बच्चों के साथ यात्रा करने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की परेशानी महसूस नहीं हो रही है और उनका कहना है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा और श्रद्धा की शक्ति ही उन्हें यह कठिन यात्रा पूरी करने का संबल दे रही है। अंजलि का कहना है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से यह कठिन यात्रा भी सहज और सुखद महसूस हो रही है।
शिव चौक पर उमड़ी लोगों की भीड़
जैसे ही यह अनोखी श्रवण कांवड़ मुजफ्फरनगर के शिव चौक पहुंची, वहां मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ इसे देखने के लिए रुक गई। लोगों ने बच्चों और उनके माता-पिता के साथ सेल्फी लीं और इस अनूठी आस्था को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह केवल कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को संस्कार देने का प्रेरणादायी संदेश है। यह यात्रा श्रद्धा, पारिवारिक प्रेम और भारतीय संस्कारों का ऐसा संगम बन गई है, जिसकी चर्चा पूरे कांवड़ मार्ग पर हो रही है।