श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस: गूगल और व्हाट्सएप के विदेशी अधिकारियों की ऑनलाइन गवाही को कोर्ट की मंजूरी

दिल्ली की एक अदालत ने श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस में एक अहम फैसला लेते हुए अंतरराष्ट्रीय नोडल अधिकारियों को ऑनलाइन गवाही देने की अनुमति दे दी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने गूगल, व्हाट्सएप और बम्बल जैसी कंपनियों के अधिकारियों को गवाह के तौर पर पेश किया था। अब ये अधिकारी अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम (UK) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी गवाही दर्ज कराएंगे।
यह मामला पूरे देश को झकझोर देने वाला था, जिसमें आरोपी आफताब अमीन पूनवाला पर श्रद्धा वाल्कर की हत्या कर उनके शरीर के टुकड़े करने और उन्हें ठिकाने लगाने का गंभीर आरोप है। कोर्ट का यह निर्णय डिजिटल सबूतों को सुरक्षित करने और मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है, ताकि विदेशी कंपनियों के डेटा और गवाहियों को समय पर रिकॉर्ड किया जा सके।
ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंचा मामला
श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड का ट्रायल अब अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। कोर्ट ने इस केस की गंभीरता को देखते हुए 20 जुलाई 2026 से रोजाना सुनवाई करने का फैसला किया था ताकि न्याय प्रक्रिया में तेजी आए। हालांकि, इस दौरान कुछ मामूली बदलाव भी हुए, क्योंकि आरोपी आफताब पूनवाला तिहाड़ जेल में रहकर समाजशास्त्र (Sociology) की एमए की अंतिम परीक्षा दे रहा था और उसे कुछ मनोवैज्ञानिक परामर्श की भी जरूरत थी।
बता दें कि इस खौफनाक वारदात के बाद दिल्ली पुलिस ने करीब 6,629 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। इस कानूनी लड़ाई के बीच पीड़ित के पिता विकास वाल्कर का साल 2025 में निधन हो गया। वहीं, श्रद्धा के भाई श्रीजय विजय वाल्कर ने केस को एक समय सीमा के भीतर खत्म करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने यह