श्रद्धा वाकर मर्डर केस: अब अमेरिका और ब्रिटेन से ऑनलाइन गवाही देंगे गूगल, व्हाट्सएप और बंबल के अधिकारी

श्रद्धा वाकर हत्याकांड में दिल्ली की एक अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की उस अर्जी को मंजूरी दे दी है, जिसमें गूगल, व्हाट्सएप और बंबल जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के नोडल अधिकारियों को ऑनलाइन गवाही देने की अनुमति मांगी गई थी। ये अधिकारी अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम (UK) में रहते हैं और दिल्ली पुलिस ने इन्हें इस मामले में गवाह बनाया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) हरगुरविंदर सिंह जग्गी ने शनिवार को यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने माना कि चूंकि ये गवाह विदेश में रहते हैं, इसलिए उन्हें शारीरिक रूप से अदालत में बुलाना न केवल बहुत खर्चीला होगा, बल्कि इससे मुकदमे की कार्यवाही में भी काफी देरी होगी। न्याय और त्वरित सुनवाई के हित में कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी गवाही दर्ज करने की अनुमति दी है।
इन अधिकारियों की होगी गवाही और यह रहेगी प्रक्रिया
इस मामले में व्हाट्सएप LLC और मेटा प्लेटफॉर्म्स के नोडल ऑफिसर एड्रियन सिल्वेरा, गूगल LLC के शेल्बी स्मिथ, जीमेल के नोडल ऑफिसर आरती सेठ (दोनों अमेरिका से) और बंबल ग्रुप के ल्यूक मित्सि (यूके से) गवाही देंगे। ये अधिकारी शपथ पत्र के माध्यम से अपने साक्ष्य पेश करेंगे।
अदालत ने गवाही के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है:
- लोकेशन: कोर्ट की कार्यवाही साकेत कोर्ट कॉम्प्लेक्स के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से होगी, जबकि गवाह अपने नजदीकी भारतीय दूतावास या हाई कमीशन से जुड़ेंगे।
- समन्वय: भारतीय दूतावासों के नामित अधिकारी 'रिमोट पॉइंट कोऑर्डिनेटर' के रूप में काम करेंगे, जबकि इंस्पेक्टर राम सिंह संपर्क अधिकारी की भूमिका निभाएंगे।
- समय सीमा: गवाहों की गवाही 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी और एक दिन में केवल एक गवाह का बयान दर्ज किया जाएगा।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि समन भेजने की प्रक्रिया गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के माध्यम से पूरी की जाएगी। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि समय क्षेत्रों (Time Zones) के अंतर को ध्यान में रखते हुए ही तारीखों और समय का निर्धारण किया जाए। इस केस में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला पर मुकदमा चल रहा है और ट्रायल अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर है।