लोकतंत्र का अपमान और जनमत का अनादर कांग्रेस के DNA में: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव आयोग (ECI) को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद जनता के जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है और यह उनके 'DNA' में शामिल है। चौहान ने कहा कि जब भी चुनावी नतीजे कांग्रेस के पक्ष में नहीं आते, तो वे संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने लगते हैं और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करते हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया में सबसे मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। लेकिन कांग्रेस लोकतंत्र का अपमान कर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों की भी कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि राहुल गांधी के इशारे पर ऐसी बातें कही जा रही हैं, जो देश में अराजकता फैलाने और लोकतंत्र के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश है।
बैलेट पेपर की मांग और EVM पर पलटवार
विपक्ष द्वारा EVM को हटाकर दोबारा बैलेट पेपर लाने की मांग पर पलटवार करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने सवाल किया कि कांग्रेस देश को किस दौर में ले जाना चाहती है। उन्होंने 80 और 90 के दशक की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय बूथ कैप्चरिंग आम थी और एक ही व्यक्ति सभी मतपत्रों पर मुहर लगा देता था। उन्होंने तर्क दिया कि तकनीक ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है, फिर कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रही है?
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि अब नियुक्तियां संसद द्वारा पारित कानून के तहत होती हैं, जबकि कांग्रेस के शासनकाल में प्रधानमंत्री अकेले यह फैसला लेते थे। चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का खतरनाक खेल खेल रही है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में जीत सकती है, तो वहां चुनाव आयोग सही था और अब हारने पर वह गलत कैसे हो गया?
शिवराज सिंह चौहान ने अंत में कहा कि कांग्रेस ने पहले भी इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का पाप किया है और जनता उनके इन इरादों का जवाब अपने वोटों के जरिए देना जारी रखेगी।