'बेटियों को क्यों लगाने पड़ रहे ऐसे नारे?', महिला सुरक्षा पर बोले शिवराज सिंह चौहान

देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और उनमें लगाए जा रहे नारों ने अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन वीडियो पर गहरी चिंता जताई है, जिनमें प्रदर्शनकारी युवतियां सुरक्षा की मांग को लेकर व्यंग्यात्मक नारे लगा रही हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने विशेष रूप से "एक कचोरी-दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा" जैसे नारों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर हालात यहां तक कैसे पहुंच गए कि हमारी बेटियों को इस तरह के नारे लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह स्थिति गंभीर विचार की मांग करती है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि बहनों और बेटियों का सम्मान किया जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए।
पार्क में गैंगरेप के बाद सड़कों पर उतरीं छात्राएं
यह पूरा विवाद लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) के पास आस्था गुंज पार्क में एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुए कथित गैंगरेप के बाद शुरू हुआ। इस घटना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्राओं और अन्य युवाओं को आक्रोशित कर दिया। सितंबर के आखिरी हफ्ते से ही मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज और डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों की छात्राएं सड़कों पर उतर आईं। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों और यौन उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रशासन हरकत में आया और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) व नगर निगम (MCD) ने शहर के सभी सार्वजनिक पार्कों का सुरक्षा ऑडिट शुरू किया। अब पार्कों में लाइटिंग बढ़ाने, एंट्री-एग्जिट गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात करने और शाम के बाद गश्त बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने भी शहर भर में अपनी पेट्रोलिंग तेज कर दी है।
इस मामले में पुलिस ने फरीदाबाद के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक कानून का छात्र बताया जा रहा है। एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ा।
इस मुद्दे पर राजनीतिक वार-पलटवार भी जारी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्राओं के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए सरकार से कहा कि महिलाओं को उनके साथ हुए अपराधों की सजा देना बंद किया जाए। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑनलाइन क्लास शुरू करने और लड़कियों पर पाबंदियां लगाने के सरकारी रुख की आलोचना की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा कि सुरक्षा के नाम पर महिलाओं की आजादी पर पाबंदी नहीं लगानी चाहिए, बल्कि ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां वे निडर होकर अपने करियर और शिक्षा पर ध्यान दे सकें।