शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर पोस्टर और ग्रेफिटी, दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस
दिल्ली पुलिस ने शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर अवैध पोस्टर और काली स्याही से लिखे संदेशों के मामले में FIR दर्ज की है।

राजधानी दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर अज्ञात लोगों द्वारा अवैध तरीके से पोस्टर चिपकाने और दीवारों पर काली स्याही से कुछ लिखने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद आईजीआई एयरपोर्ट मेट्रो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन पोस्टरों के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या था।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना 24 अक्टूबर 2026 को हुई। स्टेशन के इमरजेंसी गेट नंबर 5 के पास पोस्टर चिपकाए गए थे, जबकि गेट नंबर 7 के पास एक शाफ्ट की दीवार पर काली स्याही से ग्रेफिटी (निशान) बनाई गई थी। पुलिस ने इन पोस्टरों को जब्त कर लिया है और उनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
बड़ी साजिश की आशंका, स्पेशल सेल की मदद
इस मामले को केवल साधारण गंदगी या तोड़फोड़ के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। पूर्व डीसीपी एलएन राव ने संकेत दिया है कि इस तरह की हरकत के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, पुलिस भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B (आपराधिक साजिश) लगाने पर विचार कर सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल की मदद भी ली जा रही है।
पुलिस ने यह केस 'दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट' और 'मेट्रो रेलवेज (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट' के तहत दर्ज किया है। गौरतलब है कि सार्वजनिक संपत्ति को खराब करने वाले दोषियों को एक साल तक की जेल और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
हैरानी की बात यह है कि यह इस तरह की दूसरी घटना है। इससे पहले भी एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की एक ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज की आलोचना करने वाले पोस्टर मिले थे, जिसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।