शिकोहपुर लैंड डील केस: रॉबर्ट वाड्रा मामले में ED को कोर्ट से मिला और समय, अब दिसंबर में होगी सुनवाई
गुरुग्राम शिकोहपुर लैंड डील मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट ने ED को दस्तावेजों की लिस्ट जमा करने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया है।

गुरुग्राम के चर्चित शिकोहपुर लैंड डील मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एजेंसी को उन दस्तावेजों की सूची दाखिल करने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया है, जिनका उपयोग चार्जशीट में नहीं किया गया था। इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा को आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल जमानत पर हैं और शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए।
विशेष न्यायाधीश (CBI) शिवाली बंसल ने मामले की सुनवाई करते हुए ED को दस्तावेजों की लिस्ट जमा करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई के लिए 10 दिसंबर की तारीख तय की है। इस दौरान कोर्ट में ED की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नवीन कुमार मत्ता और वकील मोहम्मद फैजान शारीरिक रूप से मौजूद थे, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता जोहेब हुसैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
DLF की भूमिका और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप
इस पूरे मामले की जड़ें गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में स्थित 3.5 एकड़ जमीन से जुड़ी हैं। ED का आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनियों ने धोखाधड़ी के जरिए इस जमीन का सौदा किया। एजेंसी के मुताबिक, इस सौदे में फर्जी सेल डीड का इस्तेमाल किया गया और वास्तविक भुगतान किए बिना जमीन हासिल की गई। आरोप है कि यह जमीन एक तरह की रिश्वत के रूप में दी गई थी ताकि तत्कालीन नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव से हाउसिंग लाइसेंस प्राप्त किया जा सके।
ED ने अपनी जांच में दावा किया है कि इस पूरे खेल में करीब 58 करोड़ रुपये की 'अपराध की कमाई' (Proceeds of Crime) generated हुई, जिसे रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी संस्थाओं के जरिए घुमाया और इस्तेमाल किया गया। एजेंसी ने यह भी बताया कि DLF की भूमिका की जांच अभी जारी है और इसके लिए उन्हें और समय की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि इस मामले की शुरुआत सितंबर 2018 में गुरुग्राम के खेड़की दौला थाने में दर्ज एक FIR से हुई थी, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी आधार पर ED ने दिसंबर 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी।