बीकानेर हाउस में शेली ज्योति की प्रदर्शनी, नील के इतिहास और प्रवास की कहानी बयां करती कलाकृतियां
बीकानेर हाउस में कलाकार शेली ज्योति की प्रदर्शनी 'Indigo: The Blue Gold II' लगी है, जो नील के इतिहास और प्रवास की कहानी बयां करती है।

दिल्ली के बीकानेर हाउस स्थित सीएए बिल्डिंग में इन दिनों कला और इतिहास का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। मशहूर कलाकार शेली ज्योति की प्रदर्शनी 'Indigo: The Blue Gold II' दर्शकों के लिए खुली है। यह प्रदर्शनी केवल रंगों का खेल नहीं है, बल्कि नील (इंडिगो) के जरिए इंसानी संघर्ष, गुलामी और प्रवास की एक गहरी दास्तां पेश करती है। 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में लोग सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक कलाकृतियों को देख सकते हैं।
शेली ज्योति ने इस प्रदर्शनी के लिए पिछले 18 वर्षों के अपने काम को संजोया है। उन्होंने नील के उस सफर को उकेरा है जो प्राचीन वस्त्र परंपराओं से शुरू होकर औपनिवेशिक व्यापार और किसानों के शोषण तक जाता है। इसमें महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के ऐतिहासिक संदर्भों को भी महसूस किया जा सकता है। कलाकार ने इस प्रदर्शनी के जरिए यह दिखाने की कोशिश की है कि कैसे प्रवास केवल एक जगह से दूसरी जगह जाना नहीं, बल्कि यादों और सांस्कृतिक पहचान को साथ ले जाने की एक प्रक्रिया है।
खादी और प्राकृतिक रंगों का जादू
इस प्रदर्शनी की सबसे खास बात यह है कि इसमें कपड़ों को एक 'जीवंत संग्रह' (लिविंग आर्काइव) की तरह इस्तेमाल किया गया है। शेली ने हाथ से काते और बुने हुए खादी, प्राकृतिक नील रंगाई, अज्रख ब्लॉक प्रिंटिंग, कढ़ाई और मिरर वर्क का उपयोग किया है। 2026 के इस संग्रह का नाम 'Indigo: Migration Through Time' रखा गया है, जिसे तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है:
- फेसलेस जर्नीज़: यह हिस्सा गुलाम बनाए गए और प्रवासी समुदायों के संघर्ष को दर्शाता है।
- डिस्प्लेस्ड इकोलॉजीज़: इसमें वनस्पति रूपकों के जरिए यह दिखाया गया है कि कैसे अलग-अलग आबादी नए माहौल में खुद को ढालती है।
- अनरिज़ॉल्व्ड ज्योग्राफीज़: यह खंड विस्थापन के भावनात्मक प्रभाव और पहचान बनाने की जद्दोजहद की पड़ताल करता है।
इस पूरी प्रदर्शनी को न्यूयॉर्क के हैमिल्टन कॉलेज की इतिहास प्रोफेसर लिसा त्रिवेदी ने क्यूरेट किया है। उद्घाटन समारोह में नेशनल गांधी म्यूजियम की चेयरपर्सन तारा गांधी भट्टाचार्जी भी मौजूद रहीं। इस प्रोजेक्ट को गुड अर्थ हेरिटेज फाउंडेशन और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) का सहयोग प्राप्त है।