महादेव बेटिंग ऐप मामला: शेफाली बग्गा ने ED को सरेंडर किए 1.2 करोड़ रुपये

टेलीविजन पर्सनैलिटी शेफाली बग्गा इन दिनों एक बड़े कानूनी विवाद में घिरी हुई हैं। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और अन्य अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के प्रमोशन से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच तेज हो गई है। इस मामले में शेफाली बग्गा ने एजेंसी के सामने 1.2 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए हैं।
ईडी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई अवैध बेटिंग ऐप्स के जरिए किए गए वित्तीय लेन-देन और उनके प्रमोशन की जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने 30 मई 2026 को दिल्ली और मुंबई स्थित शेफाली बग्गा के आवासों पर मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया था। इस छापेमारी के दौरान उनके पास से 30 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए थे।
अनजाने में किया प्रमोशन, शेफाली ने दी सफाई
इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शेफाली बग्गा ने स्पष्ट किया है कि वह और उनका परिवार इन विज्ञापनों की अवैधता से पूरी तरह अनजान थे। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका केवल सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स का प्रमोशन करने तक सीमित थी, जैसा कि अक्सर कई अन्य हस्तियां और सेलिब्रिटीज करते हैं।
शेफाली ने जोर देकर कहा, "मेरा काम सिर्फ अनजाने में सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स को प्रमोट करना था। इसके अलावा मेरा उन ब्रांड्स या किसी अन्य संस्था के किसी भी ऑपरेशन या गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था।"
बता दें कि इसी साल जुलाई में ईडी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर जोनल ऑफिस में शेफाली बग्गा से इस मामले में पूछताछ भी की थी। शेफाली का दावा है कि उन्होंने जांच एजेंसी का पूरा सहयोग किया है और कानून की प्रक्रिया पर उन्हें पूरा भरोसा है, इसीलिए उन्होंने यह राशि सरेंडर की है।