दिल्ली हाट में कलाकार शशि का कमाल, पराली से उकेरीं अद्भुत पेंटिंग्स
कलाकार शशि दिल्ली हाट में पराली (paddy straw) से बनी अनोखी पेंटिंग्स प्रदर्शित कर रहे हैं। देखें कैसे कचरे से बनी ये कलाकृतियां सबका मन मोह रही हैं।

दिल्ली के मशहूर दिल्ली हाट में इन दिनों एक ऐसी कला देखने को मिल रही है, जिसने हर आने वाले शख्स को हैरान कर दिया है। यहाँ कलाकार शशि अपनी अनोखी पैडी स्ट्रॉ पेंटिंग (paddy straw paintings) के जरिए लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि जिस पराली को अक्सर खेतों में जलाकर प्रदूषण फैलाया जाता है, शशि ने उसी बेकार समझी जाने वाली घास को अपनी कला का आधार बनाया है।
कलाकार शशि पिछले 70 वर्षों से इस दुर्लभ कला को सहेज रहे हैं। वे धान के सूखे डंठलों को बड़ी बारीकी से सुखाते हैं, उन्हें चपटा करते हैं और फिर उन्हें एक खास आकार देकर गहराई और बनावट (texture) पैदा करते हैं। सबसे खास बात यह है कि इन पेंटिंग्स में किसी भी तरह के कृत्रिम रंगों या डाई का इस्तेमाल नहीं किया गया है, बल्कि पराली की प्राकृतिक चमक और बनावट से ही पूरी तस्वीर तैयार की गई है।
कचरे से कला तक का सफर
दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC) द्वारा संचालित दिल्ली हाट देशभर के शिल्पकारों के लिए एक बेहतरीन मंच है। यहाँ रोटेशन सिस्टम के तहत कलाकारों को अपने काम दिखाने के लिए 15 दिनों का समय मिलता है। शशि की यह प्रदर्शनी न केवल भारतीय लोक परंपराओं को जीवित रख रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि कैसे कृषि अपशिष्ट (agricultural waste) को पर्यावरण के अनुकूल और खूबसूरत सजावटी सामान में बदला जा सकता है।
सरकारी सहयोग से चलने वाला यह मंच ऐसे गुमनाम कलाकारों को पहचान दिलाने में मदद कर रहा है, जो अपनी मेहनत और जुनून से पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प को आधुनिक दौर में भी प्रासंगिक बनाए हुए हैं।