शरजील इमाम ने तोड़ी अंतरिम जमानत की शर्त, कोर्ट ने बेल रद्द करने से किया इनकार

Kittu Kumari10 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
शरजील इमाम ने तोड़ी अंतरिम जमानत की शर्त, कोर्ट ने बेल रद्द करने से किया इनकार

2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में आरोपी शरजील इमाम की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को यह पाया कि शरजील इमाम ने अपनी अंतरिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने पाया कि वह मीडिया के संपर्क में आए, जबकि उन्हें ऐसा करने से सख्त मना किया गया था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अदालत ने उनकी जमानत रद्द नहीं की।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब दिल्ली पुलिस ने कड़कडूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेई के सामने एक याचिका दायर की। पुलिस ने मांग की थी कि शरजील इमाम की अंतरिम जमानत रद्द कर दी जाए। पुलिस ने सबूत के तौर पर यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) से कुछ वीडियो क्लिप्स पेश किए। इन वीडियो में दावा किया गया कि जिस कमरे में एक पत्रकार उनके भाई का इंटरव्यू ले रहा था, वहां शरजील इमाम भी मौजूद थे।

वीडियो फुटेज और कोर्ट की टिप्पणी

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अदालत ने जब इन वीडियो फुटेज की जांच की, तो जज ने पाया कि पूरी संभावना है कि इंटरव्यू के दौरान इमाम उसी कमरे में मौजूद थे। पुलिस का तर्क था कि यह सीधे तौर पर जमानत की शर्तों का उल्लंघन है। दूसरी तरफ, इमाम के वकील ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो अलग-अलग क्लिप्स का मिश्रण है और यह साबित नहीं करता कि वह इंटरव्यू के वक्त वहां मौजूद थे। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि उनके भाई को मीडिया से बात करने पर कोई पाबंदी नहीं थी।

इन तमाम दलीलों के बाद कोर्ट ने माना कि हालात यही इशारा कर रहे हैं कि इमाम ने मीडिया संपर्क की शर्त तोड़ी है। लेकिन, कोर्ट ने जमानत रद्द नहीं की क्योंकि उनके वकील ने जानकारी दी कि वह दिल्ली के लिए फ्लाइट ले चुके हैं और शनिवार शाम तक जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर कर देंगे। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में जमानत रद्द करना उचित नहीं होगा और पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया।

बता दें कि शरजील इमाम को अपने चचेरे भाई की शादी के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक सात दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी। इस दौरान उन पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करने, मीडिया से बात न करने और केवल परिवार व दोस्तों से मिलने की शर्तें लागू थीं। यह पूरा मामला दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा जांचे जा रहे 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़ा है, जिसमें UAPA और IPC की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

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