'कुकिंग है मेरा पैशन', सिंगर शंकर महादेवन ने दिल्ली में पूरा किया बचपन का सपना

मशहूर संगीतकार और गायक शंकर महादेवन अब सिर्फ अपनी सुरीली आवाज से ही नहीं, बल्कि अपने स्वाद से भी लोगों का दिल जीतेंगे। उन्होंने अपने बचपन के एक पुराने सपने को हकीकत में बदलते हुए दिल्ली के राजौरी गार्डन में एक साउथ इंडियन रेस्टोरेंट-कैफे 'मालगुडी' (Malgudi) की शुरुआत की है। यह रेस्टोरेंट उन्होंने उद्यमी के.एस. रामकृष्णन के साथ मिलकर खोला है।
शंकर महादेवन ने बताया कि खाना बनाना उनके लिए हमेशा से एक जुनून रहा है और बचपन से ही उनका सपना था कि उनका अपना एक रेस्टोरेंट हो। हालांकि, अब तक वह सिर्फ अपने परिवार और दोस्तों के लिए ही खाना बनाते थे, लेकिन जब उनकी मुलाकात 10 साल पहले के.एस. रामकृष्णन से हुई, तो यह सपना बिजनेस में बदल गया। महादेवन के मुताबिक, उन्होंने सिर्फ एक रेस्टोरेंट की बात की थी, लेकिन रामकृष्णन ने उन्हें 100 रेस्टोरेंट खोलने का विजन दिया, जिससे यह सफर शुरू हुआ।
दिल्ली के जायके में घुलेगा दक्षिण भारत का स्वाद
राजौरी गार्डन स्थित यह आउटलेट 18 सितंबर को खुला और हाल ही में इसका सक्सेस सेलिब्रेशन मनाया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर शंकर महादेवन ने 'वो लड़की है कहाँ' और 'जय गणेशा' जैसे गाने गाकर मेहमानों का मनोरंजन किया। सिंगर हर्षदीप कौर ने भी अपनी प्रस्तुति से समां बांधा।
यह 'मालगुडी' का 10वां आउटलेट है, जो मुंबई और यूएई के बाद अब देश की राजधानी में पहुंचा है। महादेवन का मानना है कि दिल्ली देश की फूड कैपिटल है, इसलिए उन्होंने मेन्यू में कोई बदलाव करने के बजाय असली दक्षिण भारतीय स्वाद को यहाँ पेश करने का फैसला किया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राजौरी गार्डन का यह आउटलेट देश के अन्य आउटलेट्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
वहीं, को-फाउंडर के.एस. रामकृष्णन ने बताया कि 'मालगुडी' नाम आर.के. नारायण के काल्पनिक शहर से प्रेरित है, जो पुरानी यादों और सादगी का अहसास कराता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेस्टोरेंट के इंटीरियर को तो आधुनिक बनाया गया है, लेकिन खाने के असली स्वाद और उसकी जड़ों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है, ताकि ग्राहकों को एक प्रामाणिक अनुभव मिल सके।