शंकर महादेवन का बचपन का सपना हुआ पूरा, दिल्ली के राजौरी गार्डन में खोला 'मालगुडी' रेस्टोरेंट

मशहूर संगीतकार और कंपोजर शंकर महादेवन अब अपनी धुनों के साथ-साथ अपने स्वाद का जादू भी बिखेरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दिल्ली के राजौरी गार्डन में अपने साउथ इंडियन रेस्टो-कैफे 'मालगुडी' की शुरुआत की है। कुकिंग के प्रति अपने जुनून को शब्दों में बयां करते हुए महादेवन ने बताया कि एक रेस्टोरेंट खोलना उनका बचपन का सपना था, जिसे अब उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में साकार किया है।
इस वेंचर की शुरुआत उन्होंने उद्यमी के.एस. रामकृष्णन के साथ मिलकर की है, जो डिजीफोटो एंटरटेनमेंट इमेजिंग के प्रेसिडेंट और ईटोपिया होल्डिंग्स के चेयरमैन हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों की साझेदारी करीब 10 साल पहले शुरू हुई थी। जहां शंकर महादेवन शुरुआत में सिर्फ एक रेस्टोरेंट खोलने की सोच रहे थे, वहीं रामकृष्णन ने इसे एक बड़े ब्रांड के रूप में विकसित करने का विजन दिया, जिसका लक्ष्य कुल 100 आउटलेट्स तक पहुंचना है।
परंपरा और आधुनिकता का संगम है 'मालगुडी'
राजौरी गार्डन स्थित यह आउटलेट 18 सितंबर को खुला, जिसके बाद 13 अक्टूबर को एक भव्य सक्सेस पार्टी का आयोजन किया गया। इस मौके पर खुद शंकर महादेवन ने अपनी प्रस्तुति दी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुंबई के बोरीवली, चेंबूर और लोअर परेल के साथ-साथ यूएई में भी इस चेन की मौजूदगी है।
रेस्टोरेंट के मेन्यू को तैयार करने में महादेवन ने खुद सक्रिय भूमिका निभाई है। यहां आने वाले ग्राहकों को कुछ खास सिग्नेचर डिशेज चखने को मिलेंगी, जैसे:
- मुलबागल लेगेसी डोसा (जो 100 साल पुरानी रेसिपी पर आधारित है)
- घी पोडी थाट्टे इडली
- वेन पोंगल अरांचिनी
- फिल्टर कापी पन्ना कोट्टा
सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि इस कैफे की सजावट भी बेहद खास है। इंडिगो दीवारें, टेराकोटा टच, पीतल की लाइटिंग और चेटिनाड स्टाइल की टाइल्स इसे एक पारंपरिक और आधुनिक लुक देती हैं। दिल्ली में कदम रखने के बाद, अब कंपनी की योजना नवी मुंबई और गुरुग्राम में अपना विस्तार करने की है।