दिल्ली के Shangri-La Eros होटल में महिला को वॉशरूम इस्तेमाल करने से रोका, छिड़ी कानूनी बहस

Kittu Kumari6 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली के Shangri-La Eros होटल में महिला को वॉशरूम इस्तेमाल करने से रोका, छिड़ी कानूनी बहस

देश की राजधानी दिल्ली का एक आलीशान होटल इन दिनों विवादों के घेरे में है। मामला Shangri-La Eros washroom controversy से जुड़ा है, जहां एक महिला का आरोप है कि उसे होटल के वॉशरूम का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लग्जरी होटलों में आम लोगों और ग्राहकों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

पूरा मामला तब सामने आया जब एक महिला ने वीडियो बनाकर अपना दर्द बयां किया और दावा किया कि उसे बुनियादी सुविधा यानी वॉशरूम इस्तेमाल करने से रोका गया। इस वीडियो को एक्स (ट्विटर) यूजर प्रज्ञा ने आगे शेयर किया, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महिला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं थी, बल्कि उसके पास होटल के क्लब का पहले से बुक और पेड टिकट था। इसके बावजूद उसे वॉशरूम जाने से रोका गया, जिसने इस विवाद को और अधिक गंभीर बना दिया है।

मानवाधिकार बनाम निजी संपत्ति: क्या कहता है कानून?

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इस घटना ने अब एक कानूनी मोड़ ले लिया है। चर्चा के केंद्र में 1867 का 'इंडियन सराय एक्ट' है। कुछ लोगों का तर्क है कि इस पुराने कानून के मुताबिक होटलों और सरायों को आम जनता को मुफ्त पानी और शौचालय की सुविधा देनी चाहिए। हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना है कि लॉ कमीशन ऑफ इंडिया ने इस कानून को पुराना बताकर इसे खत्म करने की सिफारिश की है।

दूसरी तरफ, इस मामले को संविधान के नजरिए से देखने वाले लोग सुप्रीम कोर्ट के 2025 के एक फैसले का हवाला दे रहे हैं। कोर्ट ने साफ किया था कि साफ पीने का पानी और स्वच्छता (sanitation) तक पहुंच, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत 'जीवन के अधिकार' का हिस्सा है और यह एक मौलिक मानवाधिकार है।

सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। एक तरफ वे लोग हैं जो मानते हैं कि फाइव स्टार होटलों को आपातकालीन स्थिति में बुनियादी शिष्टाचार दिखाना चाहिए और मानवीय गरिमा को नियमों से ऊपर रखना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि होटल एक निजी संपत्ति है और सुरक्षा कारणों से वे बाहरी या विशिष्ट पंजीकरण वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। फिलहाल, इंडिया टुडे सहित कई मीडिया संस्थानों ने होटल प्रबंधन से संपर्क किया है, लेकिन Shangri-La Eros की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।

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