शालिनी पासी ने याद किए दादा-दादी के साथ दिवाली के पल, बताया क्यों खास हैं भारतीय त्योहार

Kittu Kumari5 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
शालिनी पासी ने याद किए दादा-दादी के साथ दिवाली के पल, बताया क्यों खास हैं भारतीय त्योहार

दिल्ली में आयोजित मिंत्रा के 'उत्सव' थीम वाले एक फैशन इवेंट में आर्ट कलेक्टर और रियलिटी टीवी पर्सनैलिटी शालिनी पासी ने अपने बचपन की यादों को ताजा किया। इस शानदार शाम में उन्होंने बताया कि कैसे उनके लिए अपने दादा-दादी के साथ मनाई गई दिवाली उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में से एक है।

लाल कालीन पर अपने ब्लश-पिंक आउटफिट में सबका ध्यान खींचने वाली शालिनी पासी ने भारतीय संस्कृति और त्योहारों के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि बचपन में दादा-दादी के साथ दिवाली मनाना, होली और जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर जाना उनके लिए बेहद खास था। शालिनी के मुताबिक, भारत में त्योहारों का माहौल न केवल जश्न और प्रार्थनाओं से भरा होता है, बल्कि इनका एक गहरा अर्थ भी होता है, जिसे वह आज भी संजोकर रखती हैं।

फेस्टिव फैशन और डिजिटल बदलाव पर चर्चा

इस इवेंट में शालिनी ने मिंत्रा और मेटा के बीच हुए सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मेटा ने डिजिटल दुनिया का चेहरा पूरी तरह बदल दिया है और इस तरह की पार्टनरशिप की बहुत जरूरत थी। जब उनसे पूछा गया कि त्योहारों के दौरान ऐसी कौन सी चीज है जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं, तो उन्होंने फूलों का जिक्र करते हुए कहा कि हमें हर जगह और ज्यादा फूलों का इस्तेमाल करना चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद डिजिटल क्रिएटर्स कृतिका और दीक्षा खुराना ने भी अपने पंजाबी परिवार की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके घर में रोशनी, सजावट और ढेर सारे खाने के साथ त्योहार मनाए जाते हैं। दीक्षा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पंजाबी परिवारों में छोटी-मोटी नोक-झोंक तो चलती रहती है, लेकिन अंत में जब सब साथ बैठते हैं, तो वह अहसास बेमिसाल होता है। उन्होंने अपनी बहन के हाथ के बने 'आटे के हलवे' को अपना सबसे पसंदीदा पकवान बताया और कहा कि त्योहारों के दौरान कैलोरी की चिंता करने के बजाय बस जश्न का आनंद लेना चाहिए।

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