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शाहदरा के अस्पताल में फैला बंदरों का आतंक! 10 दिन में 10 मरीजों को काटा

Kittu Kumari30 July 20262 min read20 views
शाहदरा के अस्पताल में फैला बंदरों का आतंक! 10 दिन में 10 मरीजों को काटा

दिल्ली के शाहदरा इलाके में स्थित बुलाकी दास आयुष्मान आरोग्य मंदिर (जिसे पहले बुलाकी दास टीबी हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता था) इन दिनों बंदरों के भयंकर आतंक से जूझ रहा है। अस्पताल और उसके आसपास बंदरों के लगातार आने-जाने से मरीजों और स्टाफ में भारी डर का माहौल बना हुआ है। पिछले 10 दिनों के भीतर अस्पताल में बंदरों के काटने से कुल 10 मरीज घायल हो चुके हैं। इस गंभीर समस्या ने अस्पताल प्रशासन और इलाज कराने आने वाले लोगों की चिंता को बहुत बढ़ा दिया है।

  • 10 दिनों में 10 मरीजों को बंदरों ने काटा
  • 29 जुलाई 2026 को एक साथ 3 लोग बने शिकार
  • अस्पताल प्रशासन ने MCD को दी औपचारिक शिकायत

29 जुलाई को तीन लोग हुए घायल

बंदरों के काटने की यह घटना लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका ताजा मामला 29 जुलाई 2026 को सामने आया। इस ताजा घटना में तीन लोगों (दो महिलाओं और एक पुरुष) को बंदरों ने काटकर घायल कर दिया। यह घटना इस बात का साफ प्रमाण है कि दिल्ली-NCR क्षेत्र के इस अस्पताल परिसर में बंदरों का खतरा दिन-प्रतिदिन कितना गंभीर रूप लेता जा रहा है।

अस्पताल प्रशासन ने MCD से लगाई गुहार

अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. बिंदु बहल ने अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में बंदरों की इस गंभीर समस्या को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि शाहदरा क्षेत्र में हर तरफ मौजूद प्रचुर हरियाली (ग्रीनरी) के कारण यहां बंदरों का आना-जाना बहुत अधिक होता है। इस खतरे से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) के एनिमल कंट्रोल डिपार्टमेंट में शिकायत दर्ज कराई है, ताकि मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई पक्का समाधान निकाला जा सके।

स्थानीय लोगों और मरीजों की स्थायी समाधान की मांग

भले ही MCD के एनिमल कंट्रोल डिपार्टमेंट ने पहले कुछ कार्रवाई की हो, लेकिन डॉ. बिंदु बहल ने इस समस्या के एक स्थायी और ठोस समाधान की सख्त जरूरत पर जोर दिया है। अस्पताल आने वाले मरीज और स्थानीय लोग भी लगातार MCD से अपील कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द कोई असरदार और स्थायी कदम उठाएं, ताकि अस्पताल जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और सबकी सुरक्षा सुरक्षित हो सके।

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