करकड़डूमा की हनुमानत रामलीला में रावण बनकर छाए अभिनेता शाहबाज़ खान

दिल्ली के करकड़डूमा स्थित CBD ग्राउंड में आयोजित हनुमानत रामलीला में इन दिनों एक खास आकर्षण देखने को मिल रहा है। बॉलीवुड और टेलीविजन के जाने-माने अभिनेता शाहबाज़ खान इस भव्य आयोजन में रावण की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 16 और 17 अक्टूबर को मंच पर उनकी मौजूदगी ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जहां उन्होंने पंचवटी, सीता हरण और जटायु वध जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों में अपनी दमदार अदाकारी का प्रदर्शन किया।
संगीत की विरासत से अभिनय के सफर तक
शाहबाज़ खान का संबंध संगीत की एक महान परंपरा से है। वह पद्म भूषण से सम्मानित उस्ताद अमीर खान साहब के पुत्र हैं, जिन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के इंदौर घराने की स्थापना की थी। संगीत के माहौल में पलने के बावजूद, शाहबाज़ ने 1989 में अभिनय की दुनिया में कदम रखने के लिए मुंबई का रुख किया। उन्होंने 'द सोर्ड ऑफ टीपू सुल्तान', 'चंद्रकांता' और 'द ग्रेट मराठा' जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल्स से अपनी एक अलग पहचान बनाई। फिल्मों की बात करें तो 'मेजर साब', 'हिंदुस्तान की कसम' और 2019 की फिल्म 'रिस्क नामा' जैसी कई फिल्मों में उनकी एक्टिंग देखने को मिली है।
रावण के किरदार के बारे में बात करते हुए शाहबाज़ खान ने कहा कि यह भूमिका अभिनय के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही रामायण और रामलीला देखते हुए बड़े होने के कारण उन्हें इस किरदार में ढलने के लिए बहुत ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रावण का किरदार यह सिखाता है कि अहंकार का अंत निश्चित होता है।
इस मौके पर अभिनेता ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को रामलीला दिखाने जरूर लाएं। उनका मानना है कि आज की पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और रामायण की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है।