1 करोड़ की रिश्वतखोरी मामला: SFIO डिप्टी डायरेक्टर को 3 दिन की CBI रिमांड

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) के डिप्टी डायरेक्टर हरीश तंवर को 1 करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी मामले में तीन दिनों की CBI रिमांड पर भेज दिया है। स्पेशल जज (CBI) मुनिश मरकन ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए यह आदेश दिया। इस मामले में एक अन्य आरोपी वकील भारत शर्मा की हिरासत को भी एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है, जबकि आर्यन शर्मा पहले ही 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जा चुके हैं।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब गोपाल शिवराम डेलवी नाम के एक व्यक्ति ने 12 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, चेन्नई में SFIO के जांच अधिकारी रहे हरीश तंवर ने उनसे 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें बार-बार अलग-अलग लोगों के जरिए संपर्क किया गया और चेन्नई में जांच में शामिल होने का नोटिस देकर दबाव बनाया गया। तंवर के साथ-साथ आकाश गुप्ता, रोमी और कविता पाटिल जैसे नामों का जिक्र भी आया, जिन्होंने कथित तौर पर पीड़ित को धमकाया था।
DHFL घोटाले की जांच में मिली रिश्वत की मांग
CBI के मुताबिक, यह पूरा खेल DHFL घोटाले से जुड़ी एक जांच में आरोपी को फायदा पहुंचाने के नाम पर चल रहा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि वकील शिवम श्रीवास्तव और भारत शर्मा के जरिए बातचीत हुई, जिसके बाद रिश्वत की रकम घटाकर 1 करोड़ रुपये तय की गई और टोकन के तौर पर 25 लाख रुपये मांगे गए।
CBI ने इस शिकायत की पुष्टि के बाद एक जाल बिछाया, जिसमें दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में 20 लाख रुपये की रकम दी गई। यह रकम भारत शर्मा की ओर से आर्यन शर्मा ने ली। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत मिले हैं। अब CBI यह पता लगाना चाहती है कि इस पूरी साजिश में 'भैया' कहे जाने वाले शख्स की क्या भूमिका है और कौन-कौन से अन्य सरकारी कर्मचारी इसमें शामिल हैं।
दूसरी ओर, आरोपियों के वकीलों ने रिमांड का कड़ा विरोध करते हुए दावा किया कि CBI ने खुद शिकायत तैयार की है और आर्यन शर्मा जैसा 19 साल का छात्र इस मामले में निर्दोष है। हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिमांड मंजूर कर ली है।