दिल्ली हाई कोर्ट में सात नए जजों की नियुक्ति कर दी गई है। केंद्रीय सरकार ने आधिकारिक तौर पर इन नियुक्तियों की अधिसूचना जारी कर दी है। यह फैसले 10 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद लिए गए हैं। इन नियुक्तियों को भारत के राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से अंतिम रूप दिया है। इसकी पुष्टि केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने DD News के माध्यम से की है। इन नई नियुक्तियों के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में जजों की कुल संख्या 60 की स्वीकृत संख्या के मुकाबले अब 50 हो गई है।
नए जजों में निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को स्थायी जज के रूप में नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा संजय शर्मा, भारत पराशर, अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त जज बनाया गया है। इन नियुक्तियों से पहले अरुण भारद्वाज दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के रूप में कार्यरत थे, जबकि भारत पराशर सुप्रीम कोर्ट के निवर्तमान महासचिव का पद संभाल रहे थे। बाकी अधिकांश नए जज जिला न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शुरुआत में आठ नामों की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने सात नामों को मंजूरी दी है। न्यायिक अधिकारी गुरविंदर पाल सिंह की उम्मीदवारी फिलहाल लंबित रखी गई है।
इन सातों नए जजों का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार, 21 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में होगा। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय नए जजों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।