वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस में जीएसटी छूट और नए नियम

भारत में स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती लागत और चिकित्सा मुद्रास्फीति को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं। एएनआई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में चिकित्सा मुद्रास्फीति 10% से 12% के बीच होने का अनुमान है और निश्चित आय वाले वृद्ध लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में ANI News रिपोर्ट में व्यवस्थित बदलावों का उल्लेख किया गया है।
जीएसटी छूट और बीमा प्रीमियम में वृद्धि
भारत सरकार ने जीएसटी काउंसिल की सिफारिश पर व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों को वस्तु एवं सेवा कर से मुक्त कर दिया। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा अधिसूचना संख्या 16/2025-CTR के माध्यम से इसे औपचारिक रूप दिया गया जिससे प्रीमियम पर लगने वाला 18% कर समाप्त हो गया। इसके बाद अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा सेगमेंट में प्रीमियम संग्रह में 29.7% की वृद्धि दर्ज की गई।
आईएफआरडीएआई के नए नियम और स्वास्थ्य कवरेज
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने 2026 में नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं जिनके तहत नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने की अधिकतम आयु सीमा हटा दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वार्षिक प्रीमियम वृद्धि को बिना पूर्व नियामक अनुमोदन के 10% पर सीमित कर दिया गया है और पहले से मौजूद बीमारियों के लिए अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि को घटाकर 36 महीने कर दिया गया है। पॉलिसीबाजार के अगस्त 2026 के विश्लेषण के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए दावे की लागत 25 वर्ष से कम आयु के लोगों की तुलना में 2.7 गुना अधिक है।
आयुष्मान भारत योजना और सरकारी प्रयास
सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को शामिल करने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार किया है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड के माध्यम से 4.5 करोड़ परिवारों के लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बावजूद 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज मिल रहा है। ये विकास स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर संसदीय स्थायी समिति के निष्कर्षों के अनुरूप हैं जिसने निजी स्वास्थ्य सेवा की सामर्थ्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी 176वीं रिपोर्ट पेश की थी।