नेहा बोरा मामला: SEM कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को दिए दस्तावेज सौंपने के आदेश, 29 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा मामले में SEM कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जरूरी दस्तावेज सौंपने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।

Kittu Kumari24 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
नेहा बोरा मामला: SEM कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को दिए दस्तावेज सौंपने के आदेश, 29 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के मामले में मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित SEM कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि वह इस मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज नेहा बोरा के वकील को उपलब्ध कराए। यह घटनाक्रम दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा नेहा बोरा की उस याचिका को खारिज करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये के बॉन्ड भरने के नोटिस को चुनौती दी थी।

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने नेहा बोरा के वकील को इन दस्तावेजों के आधार पर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की गई है।

दस्तावेजों की मांग और कानूनी पक्ष

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नेहा बोरा की पैरवी कर रहे वकील अभिक चिमनी ने बताया कि कानूनी टीम अब पुलिस से मिले दस्तावेजों का बारीकी से विश्लेषण करेगी और उसके बाद अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाता है या उसके खिलाफ कार्रवाई होती है, तो उसे यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके खिलाफ क्या सबूत या आरोप हैं, ताकि वह उचित जवाब दे सके।

वकील ने स्पष्ट किया कि हालांकि हाई कोर्ट ने शो कॉज नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है, लेकिन कोर्ट ने अपने फैसले में कुछ पैरामीटर्स तय किए हैं। हाई कोर्ट के फैसले के पैराग्राफ 38 के मुताबिक, शांति भंग होने की आशंका के संबंध में जिन भी सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है, वे नेहा बोरा की टीम को दी जानी चाहिए। इसी आधार पर SEM कोर्ट ने पुलिस को दस्तावेज सौंपने का निर्देश दिया है।

इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा था कि SEM द्वारा जारी नोटिस कानून की आवश्यकताओं को पूरा करता है और इसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए सुरक्षा मानकों का उल्लंघन नहीं हुआ है।

पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, नेहा बोरा पर आरोप है कि उन्होंने निषेधाज्ञा के बावजूद विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया और 16 अक्टूबर को मंडी हाउस पर लोगों को इकट्ठा होने के लिए बुलाया। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि वह कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में एक अनधिकृत प्रदर्शन के लिए भीड़ जुटाने की कोशिश कर रही थीं, जिससे सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बिगड़ने का खतरा था।

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