सीमापुरी में दर्दनाक हादसा: चार मंजिला इमारत गिरने से अब तक 4 की मौत, मलबे में तलाश जारी

दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जहां ईदगाह मछली मंडी के पास एक चार मंजिला रिहायशी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भीषण हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। बचाव दल को मलबे से एक और शव बरामद हुआ है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ गई है। मौके पर राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है क्योंकि आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
इस हादसे में अब तक आठ लोगों को घायल अवस्था में निकाला गया है, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए ताहीरपुर के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भेजा गया है। घायलों में मोमिन मिर्जा, अब्दुल रहमान, देवरुद्दीन, सलमा, छोटे, सकीना, समद और एक तीन साल का बच्चा शामिल है। मृतकों में 21 वर्षीय गुलफसा, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं, और एक 12 साल की बच्ची शामिल है। एक अन्य बच्चे की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
मशीनरी की कंपन बनी हादसे की वजह?
हादसे की वजह को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। नॉर्थ ईस्ट डीएम अजय कुमार ने बताया कि यह इमारत करीब 22 से 25 वर्ग गज के छोटे से क्षेत्र में बनी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पास की एक दूसरी इमारत में मशीनों से तोड़फोड़ का काम चल रहा था। माना जा रहा है कि उस मशीनरी से पैदा हुई तेज कंपन (vibration) के कारण यह चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के वक्त इमारत के अंदर करीब सात-आठ लोग मौजूद थे।
डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि घटना की सूचना दोपहर करीब 3:40 बजे मिली थी। मौके पर दिल्ली फायर सर्विस, एमसीडी, डीडीएमए, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें तैनात हैं। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय बनाकर काम करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली में इमारतों के गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इससे पहले 6 सितंबर को सत्य निकेतन इलाके में भी एक इमारत गिरी थी, जिसमें सात लोगों की जान गई थी। अब सीमापुरी की इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में सुरक्षा और निर्माण मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।