चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध मार्च: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, जंतर मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात

राजधानी दिल्ली में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ निकाले जाने वाले विरोध मार्च को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। चुनाव आयोग विरोध मार्च की आशंका के चलते जंतर मंतर और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने इलाके को सुरक्षित करने के लिए भारी संख्या में बैरिकेड्स लगाए हैं और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती की गई है।
दरअसल, यह पूरा विवाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन 2 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जिसके बाद से दिल्ली के मध्य इलाकों में तनाव बना हुआ है।
प्रतिबंधात्मक आदेश और हिरासत की कार्रवाई
हालात को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिससे मध्य दिल्ली में किसी भी तरह के जमावड़े की अनुमति नहीं है। पुलिस की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों भारी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है। 4 अक्टूबर को करीब 120 और 5 अक्टूबर को 17 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि प्रदर्शन की शुरुआत से अब तक सैकड़ों लोग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
इस आंदोलन में आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी जैसे राजनीतिक दलों के साथ-साथ NSUI जैसे छात्र संगठन भी शामिल हैं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया है और फॉर्म 6 में बदलावों को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
तनाव इस कदर है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा नहीं दिया, तो 10 अक्टूबर को 'जंतर मंतर 2.0' के तहत और भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। दूसरी ओर, इन प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान तीन पत्रकारों ने पुलिस द्वारा उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और गरमा गया है।