CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन: विजय चौक पर सुरक्षा सख्त, भारी पुलिस बल तैनात

देश की राजधानी दिल्ली में आज माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आ रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए विजय चौक और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की है।
आकाशवाणी के पास रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की भारी तैनाती की गई है। यह पूरी कवायद इसलिए की गई है क्योंकि 'INDIA' गठबंधन के सांसद आज चुनाव आयोग के मुख्यालय, निर्वाचन सदन की ओर मार्च करने की तैयारी में हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं, जिसके चलते वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं।
'लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत मार्च
विपक्षी दलों ने इस विरोध प्रदर्शन को अपने व्यापक "लोकतंत्र बचाओ" अभियान का हिस्सा बताया है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के अनुसार, सभी विपक्षी सांसद सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर इकट्ठा होंगे और वहां से 11 बजे शांतिपूर्ण तरीके से संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। रमेश ने यह भी स्पष्ट किया कि 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर पदयात्राएं और बैठकें आयोजित की जाएंगी।
वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने साफ किया कि उनकी पार्टी इस विशेष मार्च का हिस्सा नहीं होगी, हालांकि वे अपनी लड़ाई अपने तरीके से लड़ रहे हैं।
इस पूरे विवाद पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार ने अवैध तरीके से फॉर्म 6 में बदलाव किए हैं, जो लोकतंत्र पर हमला है। कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और 10 अक्टूबर से देशव्यापी "वोट बचाओ, देश बचाओ" अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया नहीं जाता और व्यवस्था में सुधार नहीं होता।