नई दिल्ली में धारा 163 लागू: प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक, कई दिग्गज नेता हिरासत में

राजधानी के संवेदनशील इलाकों में तनाव को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में नई दिल्ली में धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) लागू कर दी है। इस आदेश के बाद अब इलाके में किसी भी तरह के सार्वजनिक प्रदर्शन, अनधिकृत सभा, नारेबाजी या जुलूस निकालने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित चुनावी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और नागरिक समाज के सदस्यों द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है।
2 और 3 अक्टूबर को जंतर मंतर और कनॉट प्लेस जैसे प्रमुख इलाकों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 11 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए थे, हालांकि इंटरचेंज की सुविधा चालू रखी गई थी।
भारी तनाव के बीच हिरासत में लिए गए नेता
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने करीब 700 से 1,100 लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी और संजय सिंह के साथ-साथ राज्यसभा सांसद मनोज झा और वकील प्रशांत भूषण भी शामिल थे। हालांकि बाद में कुछ लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन इस हंगामे के दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं।
डीसीपी द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 के तहत उल्लंघन करने पर छह महीने की जेल, 2,500 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यदि इस अवज्ञा से दंगे जैसी स्थिति पैदा होती है या जान-माल का खतरा बढ़ता है, तो सजा और भी कड़ी होगी।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक तीन एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। ये मामले पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशनों में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने बिना अनुमति के इन विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया था।