फिरोजपुर झिरका अनाज मंडी में बाजरा खरीद तैयारियों का एसडीएम रूहानी ने किया निरीक्षण

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को सिविल उप-मंडलीय अधिकारी (एसडीएम) रूहani ने गुरुग्राम-अलवर रोड पर स्थित फिरोजपुर झिरका अनाज मंडी का औपचारिक निरीक्षण किया। यह दौरा आगामी बाजरा (pearl millet) खरीद सीजन के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा करने पर केंद्रित था। इस दौरान साफ-सफाई, पीने के पानी की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, अनलोडिंग स्पेस और वाहनों के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी जरूरी बुनियादी सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया।
अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
फसल की गुणवत्ता का आकलन, नमी की मात्रा की जांच, सरकारी मानकों का पालन, वजन की सटीकता और खरीदे गए स्टॉक को उठाने के लिए लॉजिस्टिक्स जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गई। मार्केट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे खरीद प्रक्रिया के दौरान पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करें और स्थानीय किसानों द्वारा उठाई गई किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान करें।
किसानों को न हो कोई परेशानी
एसडीएम रूहानी ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को किसानों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करना चाहिए ताकि वे अपनी उपज मंडी लाते समय किसी भी बाधा का सामना न करें। उन्होंने फसल के आने में संभावित तेजी को प्रबंधित करने के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और कुशल वाहन प्रवाह बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिए। सुविधाओं की कुल स्थिति संतोषजनक पाई गई।
एमएसपी और सरकारी नियम
यह निरीक्षण केंद्र सरकार की 13 मई 2026 की घोषणा के बाद हुआ है, जिसमें 2026-27 विपणन सीजन के लिए बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले सीजन के 2,775 रुपये के रेट से 125 रुपये की वृद्धि है। खरीद प्रक्रिया 2024 के मिलेट्स ग्रेडिंग और मार्किंग नियमों के दायरे में भी आती है, जो मानव उपभोग के लिए अभिप्रेत बाजरे के लिए पैकेजिंग और लेबलिंग मानकों को तय करती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इसी तरह की खरीद पहल वर्तमान में चल रही है, जिसमें गुड़गांव में किसान पंजीकरण केंद्रों को फिर से सक्रिय करना और 22 सितंबर 2026 को रेवाड़ी में एमएसपी मांगों को लेकर हालिया विरोध प्रदर्शन शामिल हैं।