शेडर इलेक्ट्रिक ने भारत में अपने 'इंस्टॉल्ड बेस ट्रैकिंग मूवमेंट' की आधिकारिक शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य व्यवसायों को उनकी महत्वपूर्ण बिजली संपत्तियों के लिए एक डिजिटल पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे परिचालन लचीलेपन और सिस्टम के काम करने की क्षमता में सुधार होगा। कंपनी के अनुसार, यह पहल पारंपरिक रखरखाव को अधिक आधुनिक और स्मार्ट तरीके से प्रबंधित करने में मदद करेगी।
इस अभियान के तहत बिजली के बुनियादी ढांचे का एक डिजिटल नक्शा तैयार किया जाएगा। इससे व्यावसायिक इकाइयां अपनी समग्र दक्षता और विश्वसनीयता में सुधार कर सकेंगी। यह कार्यक्रम विशेष रूप से औद्योगिक, वाणिज्यिक और डेटा सेंटर क्षेत्रों में काम करने वाले उद्यमों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। भारत के तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे में लगातार बिजली की मांग को पूरा करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
शेडर इलेक्ट्रिक की सेवाओं की उपाध्यक्ष दामिनी चौधरी ने बताया कि यह पहल पूरे संपत्ति जीवनचक्र में बेहतर पारदर्शिता हासिल करने की दिशा में पहला कदम है।
संसाधनों की स्पष्ट जानकारी होने से संगठनों को रखरखाव के समय, सिस्टम के आधुनिकीकरण और भविष्य के पूंजीगत निवेश के बारे में डेटा-आधारित और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। यह अभियान 25 और 26 अगस्त 2026 को लॉन्च होने की रिपोर्ट के बाद शुरू किया गया है, जो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को डिजिटल बनाने का एक रणनीतिक प्रयास है।