वकीलों की हिरासत पर SCBA ने CJI से मांगी मदद, पुलिस पर लगाया बल प्रयोग का आरोप

सुप्रीम कोर्ट परिसर के पास शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे कई वकीलों की हिरासत और पुलिस द्वारा कथित तौर पर किए गए बल प्रयोग के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने इस गंभीर स्थिति पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। एसोसिएशन का आरोप है कि शनिवार को प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ वकीलों और महिला अधिवक्ताओं सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ सख्ती बरती गई।
SCBA की मानद सचिव प्रज्ञा बघेल ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे एक पत्र में इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पत्र में मांग की गई कि संबंधित अधिकारियों से बात कर हिरासत में लिए गए सभी वकीलों की सुरक्षा और उनके ठिकाने का पता लगाया जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी हिरासत में लिए गए अधिवक्ताओं को कानूनी सहायता उपलब्ध हो और जिन्हें बिना किसी कानूनी आधार के पकड़ा गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
पुलिस कार्रवाई पर एसोसिएशन ने जताया कड़ा विरोध
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर SCBA ने एक प्रस्ताव भी पारित किया है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई है। एसोसिएशन ने मांग की है कि पुलिस द्वारा बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद शनिवार को जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन के बीच शुरू हुआ, जिसके कारण दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतजाम किए थे। इसी माहौल के बीच सुप्रीम कोर्ट क्षेत्र में विरोध कर रहे वकीलों को हिरासत में लिया गया था।
ताजा अपडेट के मुताबिक, SCBA, SCAORA और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा अवगत कराए जाने के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने संबंधित अधिकारियों से बात की है। CJI के हस्तक्षेप के बाद अब हिरासत में लिए गए वकीलों को रिहा किया जा रहा है।