CJI के इस्तीफे की सोशल मीडिया मांग पर SCBA ने जताई नाराजगी, कहा- गरिमा बनाए रखें

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने सोशल मीडिया पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत के इस्तीफे की मांग करने वाले बयानों की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल न्यायपालिका की संस्थागत छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि न्याय प्रशासन के काम में बाधा डालने की कोशिश भी हैं। यह विवाद केरलम कांग्रेस द्वारा पोस्ट किए गए एक संदेश के बाद शुरू हुआ, जिसमें CJI के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी और उन्हें बदलने की मांग की गई थी। हालांकि, बाद में उस पोस्ट को हटा लिया गया।
SCBA ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के प्रमुख को निशाना बनाने वाली सार्वजनिक टिप्पणियां संस्थागत स्थिरता में हस्तक्षेप करती हैं। एसोसिएशन ने जोर देकर कहा कि हालांकि हर नागरिक को कानून के दायरे में रहकर कानूनी उपचार मांगने का मौलिक अधिकार है, लेकिन इस तरह के बयान न्यायपालिका की गरिमा को कम करते हैं। SCBA ने अपने सदस्यों और आम जनता से अपील की है कि वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मर्यादा और गरिमा को बनाए रखें।
कांग्रेस ने बनाई दूरी, न्यायिक प्रणाली पर जताया भरोसा
इस पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने मीडिया से बात करते हुए अपनी पार्टी को इन बयानों से अलग कर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की स्थिति से पूरी तरह असहमत है और जिसने भी ऐसी बातें की हैं, वह पूरी तरह गलत है। खेड़ा ने कहा, "हमें इस देश की न्यायपालिका पर अटूट विश्वास है और हम सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं। इसी भरोसे की वजह से हम अपनी समस्याओं को लेकर कोर्ट के दरवाजे पर जाते हैं।"
वहीं, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने भी न्यायिक स्वतंत्रता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। SCAORA ने एक प्रस्ताव के जरिए CJI सूर्य कांत के इस रुख का समर्थन किया कि राजनीतिक दलों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए। एसोसिएशन ने कहा कि कानून के शासन और निष्पक्ष न्याय के लिए न्यायपालिका की स्वतंत्रता अनिवार्य है और सभी को इसका सम्मान करना चाहिए।
इन घटनाक्रमों के बीच दिल्ली के मध्य इलाके में भारी सुरक्षा तैनात रही, क्योंकि हजारों राजनीतिक कार्यकर्ता और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' के तहत सुप्रीम कोर्ट की ओर कूच कर रहे थे।