NEET प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बनाई हाई-पावर कमेटी

कमेटी का गठन और मुख्य बातें
देशभर में NEET परीक्षा पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की ज्यादती के मामलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक पांच सदस्यीय High-Powered Expert Committee (HPEC) का गठन किया है। इस बेंच का नेतृत्व Chief Justice of India सूर्यकांत, जस्टिस Joymalya Bagchi और जस्टिस V Mohana कर रहे हैं। कोर्ट ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस R Subhash Reddy को इस कमेटी का प्रमुख नियुक्त किया है (Source)। इस कमेटी का मुख्य काम जंतर मंतर और अन्य जगहों पर प्रदर्शन के दौरान कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग, सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ हिंसा और महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट जैसे दावों की जांच करना है (Source)।
कमेटी के सदस्य और सरकार का रुख
इस कमेटी के सदस्यों में एक पूर्व High Court जज, एक सेवानिवृत्त Director General of Police (DGP), एक पूर्व CBI Director और एक अन्य सेवानिवृत्त DGP शामिल हैं, ताकि उन राज्यों से बाहर के सदस्यों को चुना जा सके जो इन घटनाओं में शामिल हैं। Chief Justice सूर्यकांत ने जोर देकर कहा कि संविधान के Article 19 के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सुरक्षित है, और कोर्ट कमेटी को यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा देगा कि यह पीड़ितों को तुरंत एक मंच प्रदान करे। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए Solicitor General Tushar Mehta ने पुष्टि की कि सरकार उन छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने को तैयार है जिनका कोई पिछلا आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
कानूनी कार्रवाई और पिछली घटनाएं
कानूनी कार्यवाही के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी नोट किया कि वह गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि न रखने वाले छात्रों के खिलाफ FIR रद्द करने के लिए संविधान के Article 142 के तहत अपनी plenary powers का उपयोग कर सकता है। दिल्ली पुलिस, जिस पर पहले भारी-भरकम हथकंडे अपनाने के आरोप लगे थे, ने पहले अदालत को सूचित किया था कि प्रदर्शन के दौरान Facial Recognition Technology का उपयोग राज्य के वैध हित में किया गया था। यह कमेटी उन याचिकाओं के बाद बनाई गई है जो प्रदर्शनों के जवाब में दायर की गई थीं, जिसमें Cockroach Janata Party के नेतृत्व में 20 जुलाई 2026 को संसद की ओर निकाला गया मार्च भी शामिल है।