SC दिल्ली को शहर की पहचान बनाना चाहते हैं कोच टोमास चोर्ज़, आक्रामक फुटबॉल पर है जोर
SC दिल्ली के हेड कोच टोमास चोर्ज़ क्लब को दिल्ली की पहचान बनाने और आक्रामक फुटबॉल के जरिए प्रशंसकों को जोड़ने की तैयारी में हैं।

भारतीय फुटबॉल में अपना अनुभव बटोर चुके पोलिश कोच टोमास चोर्ज़ अब SC दिल्ली को एक ऐसी टीम के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिससे दिल्ली का हर नागरिक जुड़ाव महसूस करे। कोलकाता और केरल जैसे फुटबॉल प्रेमी शहरों में काम करने के बाद, चोर्ज़ अब राजधानी में क्लब की एक ऐसी संस्कृति विकसित कर रहे हैं, जहां खेल की गुणवत्ता और प्रशंसकों का जुनून एक साथ नजर आए।
चोर्ज़ भारत में अपने आठवें सीजन में हैं और उन्होंने असिस्टेंट कोच से लेकर हेड कोच तक की कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उनका मानना है कि दिल्ली एक ऐसा अनोखा शहर है, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आते हैं। वह इसी विविधता को एक अवसर के रूप में देखते हैं ताकि क्लब के जरिए सभी को एक साझा पहचान दी जा सके और SC दिल्ली को शहर की शान बनाया जा सके।
आक्रामक खेल से जीतेंगे प्रशंसकों का दिल
टोमास चोर्ज़ की कोचिंग का मुख्य आधार 'अटैकिंग फुटबॉल' है। वह चाहते हैं कि उनकी टीम मैदान पर केवल जीतने के लिए न खेले, बल्कि एक आकर्षक शैली पेश करे जिसे देखकर समर्थक रोमांचित हों। उनके इस नजरिए का असर अब दिखने लगा है, क्योंकि मौजूदा इंडियन सुपर लीग सीजन में SC दिल्ली के मैचों में स्टेडियम की उपस्थिति अपने उच्चतम स्तर पर रही है।
अपने अनुभव साझा करते हुए चोर्ज़ ने बताया कि वह अपनी ट्रेनिंग पद्धति और खेल के दर्शन को लेकर स्पष्ट रहे हैं और भारत आने के बाद उन्होंने बस स्थानीय माहौल के अनुसार उनमें बदलाव किए हैं। केरल ब्लास्टर्स के साथ अंतरिम कोच के तौर पर काम करने के बाद, अब वह SC दिल्ली की बुनियादी संरचनाओं को मजबूत करने और एक प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
कोच का लक्ष्य केवल मैच जीतना नहीं, बल्कि एक ऐसी जीत की मानसिकता विकसित करना है, जिससे क्लब लंबे समय तक सफलता हासिल कर सके और दिल्ली के लोग गर्व के साथ इस टीम की पहचान कर सकें।